सोमवार, 5 दिसंबर 2016

भारत वसुधैव कुटुम्बकम वाला देश है



1942 में द्वितीय विश्व युद्ध छिड़ गया था ... सबसे खराब हालत पोलैंड की थी ..क्योकि पोलैंड ब्रिटेन को जितने के लिए जर्मनी को पोलैंड को जितना जरूरी था ..पोलैंड पर रूस अमेरिका ब्रिटेन और जर्मनी जापान आदि देशो की सेनाओ ने कब्जे के लिए हमला बोल दिया ..



पोलैंड के सैनिको ने अपने 500 महिलाओ और करीब 200 बच्चों को एक शीप में बैठाकर समुद्र में छोड़ दिया ..और कैप्टन से कहा की इन्हें किसी भी देश में ले जाओ ..जहाँ इन्हें शरण मिल सके ..अगर जिन्दगी रही ..हम बचे रहे या ये बचे रहे तो दुबारा मिलेंगे ..
पांच सौ शरणार्थी पोलिस महिलाओ और दो सौ बच्चो से भरा वो जहाज ईरान के इस्फहान बंदरगाह पहुंचा .. वहां किसी को शरण क्या उतरने की अनुमति तक नही मिली .. फिर सेशेल्स .. में भी नही मिली .. फिर अदन में भी अनुमति नही मिली .. अंत में समुद्र में भटकता भटकता वो जहाज गुजरात के जामनगर के तट पर आया ... जामनगर के तत्कालीन महाराजा जाम साहब दिग्विजय सिंह ने न सिर्फ पांच सौ महिलाओ बच्चो के लिए अपना एक राजमहल जिसे हवामहल कहते है वो रहने के लिए दिया ..बल्कि अपनी रियासत में बालाचढ़ी में सैनिक स्कुल में उन बच्चों की पढाई लिखाई की व्यस्था की .. ये शरणार्थी जामनगर में कुल नौ साल रहे ..
उन्ही शरणार्थी बच्चो में से एक बच्चा बाद में पोलैंड का प्रधानमंत्री भी बना .. आज भी हर साल उन शरणार्थीयो के वंशज जामनगर आते है और अपने पूर्वजो को याद करते है .. उनके फोटो और नाम सब रखे हुए है ...
पोलैंड की राजधानी वर्साय में चार सडको का नाम महराजा दिग्विजय सिंह रोड है ..उनके नाम पर पोलैंड में कई योजनाये चलती है .. हर साल पोलैंड के अखबारों में महाराजा जाम साहब दिग्विजय सिंह के बारे में आर्टिकल छपता है दया/परहित का दूसरा धर्मनाम " सनातन " भारत वसुधैव कुटुम्बकम वाला देश है, और आज कल हमें ही सहिष्णुता सिखाई जाती है। 

अगर यही उपकार किसी मुल्ले पर किया जाता तो वो मुल्ला उसी राजा का राज्य हड़प लेता, और राजा की पुत्री को भागा ले जाता और अंत में राजा की हत्या कर देता जैसा टीपू सुल्तान के बाप हैदर अली ने किया था। ..

शनिवार, 3 दिसंबर 2016

उत्तरप्रदेश की सपा सरकार की मुस्लिम तुष्टिकरण

गाजियावाद में अखिलेश ने हज हाऊस का उद्घाटन किया.इस हज हाऊस का बजट 1300 करोड़ रु था
यह एशिया के सबसे सुन्दर हज हाऊसों में से एक है...
मै एक आम नागरिक होने के नाते अखिलेश भईया, उन्के समर्थकों,एंव सभी सपाईयो से ये पूछना चाहता हुँ और ये उनकी जिम्मेदारी भी है ! कि वो मुझे और सभी उत्तर प्रदेश वासीयों को इसका जवाब पूरी ईमानदारी के साथ दे....
1) क्या सपा सरकार ने इतनी लागत से कभी किसी मन्दिर का निर्माण भी कराया है अगर नही तो क्यो...?
2) इतनी लागत से बने इस हज हाऊस का यूपी राज्य के विकास में कितना योगदान है...?
3) अगर इतना पैसा किसी और योजना मे लगता तो क्या राज्य का विकास नही होता...?
4) यह सरकारी खजाने से खर्च कि गई रकम है या किसी की निजी खजाने से...?
5) इसके रख रखाव के लिए रखे जाने वाले कर्मचारी के वेतन पर हर महीने लाखों खर्च होने वाली रकम सरकारी खजाने से दी जायेगी या निजी खजाने से...?
6) अगर यह रकम सरकारी खजाने से खर्च की गई है,और हर महीने की जायेगी तो मेरे अखिलेश ये पैसा हम आम जनता की मेहनत का वो एक हिस्सा है जो हम टैक्स के रूप में सरकार को देते है ! यह किसी के बाप का पैसा नही है कि जहाँ मन किया वहाँ खर्च किया जाये...
7) अगर यहाँ सरकारी पैसा लगा है तो क्या यह पैसै की बरबादी नही है....?
8) अगर यहाँ सरकारी पैसा लगा है और ये पैसे की बरबादी भी नही है तो क्या यह हम हिन्दुओ के साथ पक्षपात नही है....?
9)अगर ये पक्षपात है तो क्या हम हिन्दुओ को मान लेना चाहिये कि सपा बस मुसलामानों की सरकार है...?
10) यह सभी को दिखता हुआ सरकार का एक पक्षपात पूर्ण रवैया है ! तो फिर सपा सरकार हम हिन्दुओ से किस आधार पर वोट की उम्मीद करती है या हम हिन्दू किस आधार पर सपा को वोट दें....?
...
यह 10 सवाल मेरे उन हिन्दू भाईयो की आँखे खोलने के लिए काफी है जो तन,मन,धन से सपा सरकार के साथ जुड़े हैं ! अगर अभी भी उन्की आँखे नही खुली तो या तो वो अपने निजी हित के लिए सपा के साथ है ! उन्हे धर्म और समाज से कोई मतलब नही है या फिर उनको जन्मजात अन्धा मान लिया जाऐ....
हिंदुओं की आँखे खोलने के लिये आज इतना ही काफी है इति सिदम्