इंग्लैंड की मशहूर कंपनी हॉलैंड एंड हॉलैंड ने रीवा के नाम पर बंदूक बनाई थी ।।
1929 में महाराजा मार्तण्ड सिंह जूदेव के लिए बनी 600/577 REWA राइफल अपनी ताकत, सटीक निशाने और शाही पहचान के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध हुई। यही वजह थी कि कंपनी ने बाद में REWA नाम से लिमिटेड एडिशन राइफलें भी बनाईं।
विंध्य की धरती रीवा केवल अपने सफेद बाघों और गौरवशाली इतिहास के लिए ही नहीं, बल्कि एक ऐसी दुर्लभ बंदूक के लिए भी दुनिया भर में जानी जाती है, जिसका नाम ही "REWA" रखा गया। यह कहानी है इंग्लैंड की प्रसिद्ध हथियार निर्माता कंपनी हॉलैंड एंड हॉलैंड (Holland & Holland) और रीवा रियासत के महाराजा मार्तण्ड सिंह के बीच बने ऐतिहासिक संबंधों की।
सन 1929 में हॉलैंड एंड हॉलैंड ने रीवा रियासत के लिए एक विशेष डबल बैरल (दो नली) राइफल तैयार की। यह कोई साधारण हथियार नहीं था, बल्कि उस दौर की सबसे शक्तिशाली और विश्वसनीय राइफलों में से एक मानी जाती थी। इसकी बैरल पर बड़े अक्षरों में अंकित किया गया था – CAL. 600/577 REWA।
इस राइफल के लिए विशेष रूप से 750 ग्रेन (GRN) वजन वाले कारतूस तैयार किए गए थे। भारी गोली, अचूक निशाना और लंबी दूरी तक प्रभावी मार इसकी सबसे बड़ी विशेषताएँ थीं। आश्चर्य की बात यह थी कि इतनी शक्तिशाली होने के बावजूद इसका वजन अपेक्षाकृत कम रखा गया था, जिससे इसे चलाना और संभालना आसान हो जाता था।
उस समय विंध्य के घने जंगलों में शेर, तेंदुए और जंगली हाथियों जैसे खतरनाक वन्यजीवों की भरमार थी। कई बार ये जानवर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुँच जाते थे और लोगों की सुरक्षा चुनौती बन जाती थी। ऐसे हालात में रियासत की जनता की रक्षा करना भी शासक की जिम्मेदारी थी। माना जाता है कि इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखकर महाराजा मार्तण्ड सिंह ने इस विशेष राइफल का निर्माण करवाया था।
इस हथियार की गुणवत्ता और लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि हॉलैंड एंड हॉलैंड ने बाद में "REWA" नाम से सीमित संख्या में अन्य राइफलें भी तैयार कीं। किसी भारतीय रियासत के नाम पर दुनिया की प्रतिष्ठित हथियार निर्माता कंपनी द्वारा बंदूक का नाम रखा जाना अपने आप में एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि थी।
आज 600/577 REWA केवल एक हथियार नहीं, बल्कि रीवा रियासत की शान, महाराजा मार्तण्ड सिंह की दूरदर्शिता और विंध्य के गौरवशाली इतिहास की एक अनमोल विरासत मानी जाती है। यह बंदूक इस बात का प्रमाण है कि एक समय रीवा का नाम दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित हथियार निर्माताओं के बीच सम्मान के साथ लिया जाता था।
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