शनिवार, 5 मई 2012

!! RSS और हिन्दुओ को फ़साने के सद्यन्त्र का पर्दाफाश!!!

हैदराबाद के हिन्दू विरोधी दंगो में RSS और हिन्दुओ को फ़साने के सद्यन्त्र का पर्दाफाश!

मित्रो, आज आपको एक साफ़ साफ़ सद्यन्त्र दिखाते है की किस प्रकार से कांग्रेस,MIM, भर्स्ट मीडिया मिलकर RSS और हिन्दुओ को बदनाम कर रही है। हैदराबाद में 1अप्रैल को रामनवमी के मनाने के बाद ही MIM समर्थंक मुस्लिम ने चेतावनी दे दी... थी की हिन्दू दंगो के लिए तैयार रहे। उसके बाद 8 अप्रैल को मुस्लिमो ने गौमाता का मांस हनुमान मंदिर में फेक दिया और मंदिर में हरा रंग फेक दिया। उसके बाद जब हिन्दुओ ने विरोध प्रदर्शन किया तो पहले से तैयार मुस्लिम ने हिन्दुओ को तलवार वगरह से मारा, 90% लोग जो घायल हुए वो हिन्दू ही थे।

पहले मीडिया ने कहा की कोई गौ मांस या हरा रंग नहीं फेका गया है यह झूट है।उसके बाद पोलिस ने 4 हिन्दुओ को RSS का सदस्य कहकर गिरफ्तार कर लिया और उन लोगो से बयान दिलवाया की उन RSS के सदस्यों ने ही दंगा सुरु करने के लिए मंदिर में गौ मांस फेका था। उसके बाद सारे मीडिया चैनल और न्यूज़ पेपर यह दिखाते रहे
की हिन्दुओ ने ही अपने से मंदिर में गौ माता का मांस फेक कर दंगा सुरु किया। सारा दोष RSS, बजरंग दल और हिन्दुओ पर मढ दिया।

इस विडियो में देखे की हरा रंग मंदिर में कैसे फेका गया था:
http://www.youtube.com/watch?v=30sk2ddd_Zw

इन दोनों विडियो में देखे की किस तरह से गौ मांस मंदिर में फेका गया:
http://www.youtube.com/watch?v=agZ1ercP8OE
http://www.youtube.com/watch?v=8LNKbUnXU44

लेकिन 3 मई 2012 को thehindu न्यूज़ पेपर ने रिपोर्ट दिखाई जीसमे मुख अभुयुत्क (कहने को RSS के सदस्य) नागराजू ने कोर्ट में कहा की पोलिस ने जबरदस्ती 5 दिनों तक मार मार कर उनसे झूठा बयांन दिलवाया और न्यूज़ पेपर ने नागराजू की पिक्चर भी दिखाइ, जिमसे साफ़ साफ़ उसके हांथो पर लगे हुए चोट दिख रहे थी।
नागराजू अपने हाथ भी नहीं उठा पा रहे थे।
http://www.thehindu.com/todays-paper/article3378543.ece

उसके बाद 4 मई 2012 को एक मुस्लिम अखबार "सियासत डेली" ने खबर छापी की RSS के सदस्यों को मुस्लिमो की प्रमुखता पसंद नहीं आये और इसलिए मुस्लिमो को बदनाम करने के लिए खुद गौ मांस फेक कर दंगा सुरु किया। उन लोगो ने वही फोटो लिया जो thehindu ने छापा था लेकिन उन्होंने पिक्चर का वो भाग काट दिया जिसमे उसके जख्मी हाथ दिख रहे थे।
http://www.siasat.com/english/news/rss-man-did-not-domination-
muslims-madannapet

मित्रो इससे बड़ा और कुछ उदाहरण नहीं हो सकता की किस प्रकार से मीम/कांग्रेस नेता, पोलिस और भर्स्ट मीडिया साथ में मिलकर हिन्दुओ को मारते है और फिर झूटी रिपोर्ट में सारा दोष RSS और हिन्दुओ पर मढ देते है। इसके बाद भी अगर RSS/बीजेपी और बाकि रस्त्रावादी सक्तिया चुप रहती है तो फिर इसमें दोष हिन्दुओ, RSS और बीजेपी का ही है। इस बात को लेकर रस्त्रावादी शक्तियों को आन्दोलन करना चाहिए और भ्रस्त मीडिया, पोलिस और नेताओ का काला चेहरा देश के सामने रखना चाहिए।

अगर बीजेपी/RSS कुछ नहीं करेगी तो इस तरह से ही हिन्दुओ की दुर्गति होती रहेगी। आज सारे सेकुलर हिन्दु मुस्लिम इस तरह की झूटे खबरों को पढ़ पढ़ कर पीड़ित हिन्दुओ को ही दोष देते रहते है। अगर आप सच्चे देशभक्त है तो उठो और इसका बिरोध करो ..जय हिंद ..जय भारत ..जय जय श्री राम....
 
नोट --ब्लॉग कॉपी पेस्ट हैं ...

बुधवार, 2 मई 2012

!!क्या पैगम्बर मुहम्मद कल्कि अवतार हैं ?

सबसे पहले ये बता दूं की ये लेख मैंने क्यूँ लिखा? हिंदी ब्लॉग जगत मैं डॉ. जाकिर के चेलों (स्वच्छता वाले सलीम खान) द्वारा लगभग हर सप्ताह एक दो ब्लॉग "पैगम्बर मुहम्मद ही कल्कि अवतार हैं" लिखते रहे हैं | हमने कई जवाब भी दिए पर वो कहाँ सुननेवाले ! गूगल पे हिंदी मैं सर्च करो तो वही स्वच्छता वाले (वास्तव मैं अस्वच्छ) सलीम खान ही सबसे आगे आते हैं और उसका कोई सही जवाब देता हुआ ब्लॉग नहीं मिला | इसलिए सोचा के झूठे प्रचार का जवाब देना ही चाहिए | मैं संस्कृत का ज्ञानी नहीं इसलिए संस्कृत शब्दों और श्लोकों के अर्थ के लिए उचित reference देने की कोशिश की है |

क्या पैगम्बर मुहम्मद कल्कि अवतार हैं ? उत्तर : नहीं, निम्न बिन्दुओं पे गौर करें :

* हिन्दू धर्म ग्रंथों मैं कलि युग का काल ४,३२,००० (चार लाख बत्तीस हज़ार वर्ष) बताया गया है | कलि युग के अंत मैं ही भगवान् स्वयेम कल्कि के रूप मैं पृथ्वी पे अवतार लैंगे (ref: भागवतम 2.7.३८ -
http://srimadbhagavatam.com/2/7/38/en ) | कलि युग का आरम्भ लगभग 3102 BC माना गया है (ref : http://www.harekrsna.com/sun/features/04-09/features1345.htm) | अब तक कलि युग के लगभग पॉँच हज़ार वर्ष ही बीते हैं, कल्कि अवतार आने मैं अभी लाखों वर्ष बाकी हैं | क्या यहीं ये साबित नहीं हो जाता की मुहम्मद साहब कल्कि अवतार हैं ही नहीं !

* डॉ. जाकिर और अन्य मुस्लिम विचारक जिन हिन्दू धर्म ग्रंथों का सन्दर्भ दे रहे हैं, उन्ही ग्रंथों में राम, कृष्ण.... को साक्षात भगवन का अवतार बताया गया है | क्या हमारे मुसलमान भाई कल्कि अवतार से पहले की अवतारों (राम, कृष्ण....) को भगवान् मानते हैं ? ये प्रश्न जैसे ही पूछता हूँ इनके बड़े-बड़े विचारक बेशर्मी से कहते हैं, नहीं हम तो सिर्फ मुहम्मद साहब को ही अवतार मानते हैं और इससे पहले की सारे अवतार झूठे हैं | मतलब की आप हमारे मुहम्मद साहब को कल्कि अवतार मान कर इस्लाम कबुल कर लो, हम तो आपके अवतारों राम, कृष्ण ... को मानते भी नहीं !!! अब बताईये इस्लाम के बड़े-बड़े विचारकों को क्या कहा जाए ?

* भागवतम (12.2.१७ -
http://srimadbhagavatam.com/12/2/17/en) कहता है : भगवान् विष्णु खुद कल्कि के रूप मैं धरती पे अवतार लेंगे | मतलब भगवान् विष्णु = कल्कि अवतार | पर डॉ. जाकिर और उनके चेले कहते हैं की मुहम्मद साहब तो पैगम्बर हैं, अल्लाह कोई और है | जबकी हिन्दू ग्रन्थ साफ़ कहता है : कल्कि अवतार कोई पैगम्बर नहीं बल्कि भगवान् विष्णु का अवतार होगा | एक कम बुद्धि वाला इंसान भी ये बात भली भांती समझता है, फिर डॉ. जाकिर और सलीम भाई जैसे इस्लाम जगत के बड़े विद्वानों ने क्यों नहीं समझा इसे अबतक? समझेंगे भी कैसे इनके पथ निर्देशक खुद ही गलत रास्ते पे जो दौड़ रहे हैं |

* कई जगहों पे वेदों का उदाहरण दे कर कहते हैं की वेदों मैं मुहम्मद साहब के बारे मैं फलां-फलां बातें बतायी गई है | वस्तुतः वेदों मैं कुल १,००,००० (एक लाख) ऋचाएं/मन्त्र थी , घटते घटते आज सिर्फ २०-२१ हजार ही उपलब्ध रह गई हैं | एक पढ़ा-लिखा इंसान (भले ही उसे कितनी भी अच्छी संस्कृत क्यों ना आती हो) इन २०-२१ हजार रिचाओं को अपने बल बूते नहीं समझ सकता, ये ग्यानी जन कह गए हैं | वेदों को समझने के लिए गुरु-शिष्य परम्परा आवाश्यक है | शायद यही कारण है की वेद कभी गीता, महाभारत, रामायण या अन्य पुराण की तरह आम जन के लिए सहज उपलब्ध भी नहीं हुआ और ना ही इसे ऐसे पढा जाता है |
डॉ. जाकिर और उनके चेलों (स्वच्छता वाले सलीम मियां) से ये पूछना चाहता हूँ की आपने वेद के २०-२१,००० ऋचाएं बिना गुरु (कोई गुरु हो तो बताएं) के ही पढ़ कर समझ भी लिया वो भी ४-५ वर्षों मैं ही ? आपके कुरान मैं लगभग ६२३६ आयात ही हैं, तो आपने कुरान से कई गुना ज्यादा समय वेद पढने मैं लगाया , वाह क्या बात है ? अब जबकी मुस्लिम विद्वान् हिन्दू ग्रन्थ पढने मैं ज्यादा समय देते हैं तो कोई पागल हिन्दू ही इनके कुरान को पढ़ेगा, क्यूँ ?

* वेद के किसी भी मन्त्र मैं मुहम्मद शब्द का उल्लेख तक नहीं है, फिर भी बड़े बेशर्मी से ये कहते हैं नराशंस शब्द का अर्थ मुहम्मद और अहमद है | नराशंस शब्द का वास्तविक अर्थ जानने के लिए youtube लिंक देख सकते हैं :
http://www.youtube.com/watch?v=AHOv-v-EfkE | जाकिर और उनके चेलों (सलीम खान) के हिसाब से संस्कृत के बड़े बड़े पडित - ज्ञानी किसी को संस्कृत नहीं आती, सबसे बड़े ज्ञाता तो सलीम मियां और जाकिर नायक हैं !

* पैगम्बर मुहम्मद पे भविष्य पुराण क्या कहता है जानने के लिए गूगल मैं search करें, अंग्रेजी मैं ढेर सारी सामग्री मिल जायेगी | bhavishyapuran नाम से (शायद) एक ब्लॉग भी है जहाँ इसपर सामग्री उपलब्ध है |

स्वच्छता वाले सलीम भाई के गुरु डॉ. ज़ाकिर नायक के बारे मैं कुछ मुसलमान भाई क्या राय रखते हैं, देखने के लिए youtube लिंक पे क्लिक करें
youtube लिंक
http://www.youtube.com/watch?v=JL52VoKUj78 - (NDTV रिपोर्ट )



(इस लेख का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेश पहुचाना नहीं अपितु डॉ. जाकिर और अन्य मुस्लिम भाईयों (स्वच्छ हिंदोस्ता वाले सलीम खान, और ना जाने कौन कौन ..) द्वारा कल्कि अवतार पे किये जा रहे झूठे प्रचारों से लोगों को अवगत करना है | )