गुरुवार, 14 मई 2015

आपके नाम का पहला अक्षर बताएगा की आपका व्यक्तित्व कैसा है ?


A- अक्षर से नाम वाले लोग काफी मेहनती और धैर्य वाले होते हैं। इन्हें अट्रैक्टिव दिखना और अट्रैक्टिव दिखने वाले लोग ज्यादा पसंद होते हैं। ये खुद को किसी भी परिस्थिति में ढाल लेने की गजब की क्षमता रखते हैं। इन्हें वैसी चीज ही भाती है, जो भीड़ से अलग दिखता हो।A- अध्ययन या करियर की बात करें तो किसी भी काम को अंजाम देने के लिए चाहे जो करना पड़े ये करते हैं, लेकिन लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ये कभी हारकर बैठते नहीं। A- ए से नाम वाले लोग रोमांस के मामले में जरा पीछे रहना ही पसंद करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे प्यार और अपने करीबी रिश्तों को अहमियत नहीं देते। बस, इन्हें इन चीजों का इजहार करना अच्छा नहीं लगता।A- चाहे बात रिश्तों की हो या फिर काम की, इनका विचार बिल्कुल खुला होता है। सच और कड़वी बात भी इन्हें खुलकर कह दी जाए तो ये मान लेते हैं, लेकिन इशारों में या घुमाकर कुछ कहना-सुनना इन्हें पसंद नहीं।A- ए से नाम वाले लोग हिम्मती भी काफी होते हैं, लेकिन यदि इनमें मौजूद कमियों की बात करें तो इन्हें बात-बात पर गुस्सा भी आ जाता है।
👉B
B- जिनका नाम बी अक्षर से शुरू होता है वे अपनी जिंदगी में नए-नए रास्ते तलाशने में यकीन रखते हैं। अपने लिए कोई एक रास्ता चुनकर उसपर आगे बढ़ना इन्हें अच्छा नहीं लगता। B- बी अक्षर वाले लोग ज़रा संकोची स्वभाव के होते हैं। काफी सेंसिटिव नेचर के होते हैं ये। जल्दी अपने मित्रों से भी नहीं घुलते-मिलते। इनकी लाइफ में कई राज होते हैं, जो इनके करीबी को भी नहीं पता होता। ये ज्यादा दोस्त नहीं बनाते, लेकिन जिन्हें बनाते हैं उनके साथ सच्चे होते हैं।B- रोमांस के मामले में ये थोड़े खुले होते हैं। प्यार का इजहार ये कर लेते हैं। प्यार को लेकर ये धोखा भी खूब खाते हैं। इन्हें खुद पर कंट्रोल रखना आता है। खूबसूरत चीजों के ये दीवाने होते हैं।
👉C
c- सी नाम के लोगों को हर क्षेत्र में खूब सफलता मिलती है। एक तो इनका चेहरा-मोहरा भी काफी आकर्षक होता है और दूसरा कि काम के मामले में भी लक इनके साथ हमेशा रहता है। इन्हें आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता है। अच्छी सूरत तो भगवान देते ही हैं इन्हें, अच्छे दिखने में ये खुद भी कभी कोई कसर नहीं छोड़ते।C- सी नाम वाले दूसरों के दुख-दर्द के साथ-साथ चलते हैं। खुशी में ये शरीक हों या न हों, लेकिन किसी के ग़म में आगे बढ़कर ये उनकी मदद करते हैं।C- सी नाम वालों के लिए प्यार के महत्व की बात करें तो ये जिन्हें पसंद करते हैं उनके बेहद करीब हो जाते हैं। यदि इन्हें अपने हिसाब के कोई न मिले तो मस्त होकर अकेले भी रह लेते हैं। वैसे स्वभाव से ये काफी इमोशनल होते हैं।
👉D
D- डी नाम वाले लोगों को हर मामले में अपार सफलता हाथ लगती है। कभी भाग्य साथ न भी दे तो उन्हें विचलित नहीं होना चाहिए, क्योंकि उनकी जिंदगी में आगे चलकर सारी खुशियां लिखी होती हैं। लोगों की बात पर ध्यान न देकर अपने मन की करना ही इन्हें भाता है। जो ठान लेते हैं ये, उसे कहके ही मानते हैं। इन्हें सुंदर या आकर्षक दिखने के लिए बनने-संवरने की जरूरत नहीं होती। ये लोग बॉर्न स्मार्ट होते हैं। D- किसी की मदद करने में ये कभी पीछे नहीं रहते। यहां तक ये भी नहीं देखते कि जिनकी मदद के लिए उन्होंने अपना हाथ आगे बढ़ाया है वह उनके दुश्मन की लिस्ट में हैं या दोस्त की लिस्ट में।D- डी नाम के लोग प्यार को लेकर काफी जिद्दी होते हैं। जो इन्हें पसंद हो, उन्हें पाने के लिए या फिर उनसे रिश्ता निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। रिश्तों के मामले में इनपर अविश्वास करना बेवकूफी होगी।
👉E
E- ई या इ से नाम वाले मुंहफट किस्म के होते हैं। हंसी-मजाक की जिंदगी जीना इन्हें पसंद है। इन्हें अपने इच्छा अनुरूप सारी चीजें मिल जाती हैं। जो इन्हें टोका टाकी करे, उनसे किनारा भी तुरंत हो लेते हैं।E- ई या इ नाम वाले लोग जिंदगी को बेतरतीव जीना पसंद नहीं करते। इन्हें सारी चीजें सलीके और सुव्यवस्थित रखना ही पसंद है। E- ई या इ से नाम वाले लोग प्यार को लेकर उतने संजीदा नहीं रहते, इसलिए इनसे रिश्ते पीछे छूटने का किस्सा लगा ही रहता है। शुरुआत में ये दिलफेंक आशिक की तरह व्यवहार करते हैं, क्योंकि इनका दिल कब किसपर आ जाए कह नहीं सकते। लेकिन एक सच यह भी है कि जिन्हें ये फाइनली दिल में बिठा लेते हैं उनके प्रति पूरी तरह से सच्चे हो जाते हैं।
👉F
F नाम वाले लोग काफी जिम्मेदार किस्म के होते हैं। हां, इन्हें अकेले रहना काफी भाता है। ये स्वभाव से काफी भावुक होते हैं। हर चीज को लेकर ये बेहद कॉन्फिडेंट होते हैं। सोच-समझकर ही खर्च करना चाहते हैं ये। जीवन में हर चीज इनका काफी बैलेंस्ड होता है।
F से शुरू होने वाले नाम के लोगों के लिए प्यार की काफी अहमियत होती है। ये खुद भी सेक्सी और आकर्षक होते हैं और ऐसे लोगों को पसंद भी करते हैं। रोमांस तो समझिए कूट-कूटकर इनमें भरा होता है।
👉G
G से शुरू होनेवाले नाम वाले लोग दूसरों की मदद के लिए हमेशा ही खड़े होते हैं। ये खुद को हर परिस्थितियों में ढाल लेते हैं। ये चीजों को गोलमोल करके पेश करना पसंद नहीं करते, क्योंकि इनका दिल बिल्कुल साफ होता है। अपने किए से जल्द सबक लेते हैं और फूंत-फूंककर कदम आगे बढ़ाते हैं ये।G से नाम वाले प्यार को लेकर ईमानदार होते हैं। प्यार के मामले में ये समझदारी और धैर्य से काम लेते हैं। कमिटमेंट से पहले किसी पर बेवजह खर्च करना इनके लिए बेकार का काम है।
👉H
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H से नाम वाले लोगों के लिए पैसे काफी मायने रखते हैं। ये काफी हंसमुख स्वभाव के होते हैं और अपने आसपास का माहौल भी एकदम हल्का-फुल्का बनाए रखते हैं। ये लोग दिल के सच्चे होते हैं। काफी रॉयल नेचर के होते हैं और मस्त मौला होकर जीवन गुजारना पसंद करते हैं। झटपट निर्णय लेना इनकी काबिलियत है और दूसरों की मदद के लिए आधी रात को भी ये तैयार होते हैं।प्यार का इजहार करना इन्हें नहीं आता, लेकिन जब ये प्यार में पड़ते हैं तो जी जीन से प्यार करते हैं। उनके लिए कुछ भी कर गुजरते हैं ये। इन्हें अपने मान-सम्मान की भी खबह चिंता होती है।
👉I
I से शुरू होने वाले नाम के लोग कलाकार किस्म के होते हैं। न चाहते हुए भी ये लोगों के आकर्षण का केन्द्र बने रहते हैं। हालांकि मौका पड़े तो इन्हें अपनी बात पलटने में पल भर भी नहीं लगता और इसके लिए वे यह नहीं देखते कि सही का साथ दे रहे हैं या फिर गलत का। इनके हाथ तो काफी कुछ लगता है, लेकिन उन चीजों के हाथ से फिसलने में भी देर नहीं लगती। I से नाम वाले लोग प्यार के भूखे होते हैं। आपको वैसे लोग अपनी ओर खींच पाते हैं जो हर काम को काफी सोच-विचार के बाद ही करते हैं। स्वभाव से संवेदनशील और दिखने में बेहद सेक्सी होते हैं।
👉J
J से नाम वाले लोगों की बात करें तो ये स्वभाव से काफी चंचल होते हैं। लोग इनसे काफी चिढ़ते हैं, क्योंकि इनमें अच्छे गुणों के साथ-साथ खूबसूरती का भी सामंजस्य होता है। जो करने की ठान लेते हैं, उसे करके ही मानते हैं ये। पढ़ने-लिखने में थोड़ा पीछे ही रहते हैं, लेकिन जिम्मेदारी की बात करें तो सबसे आगे खड़े रहेंगे ये। j से नाम वाले लोगों के चाहने वाले कई होते हैं। हमसफर के रूप में ये जिन्हें मिल जाएं समझिए खुशनसीब हैं वह। जीवन के हर मोड़ पर ये साथ निभानेवाले होते हैं।
👉K
K से नाम वाले लोगों को हर चीज में परफेक्शन चाहिए। चाहे बेडशीट के बिछाने का तरीका हो या फिर ऑफिस की फाइलें, सारी चीजें इन्हें सेट चाहिए। दूसरों से हटकर चलना बेहद भाता है इन्हें। ये अपने बारे में पहले सोचते हैं। पैसे कमाने के मामले में भी ये काफी आगे चलते हैं।स्वभाव से ये रोमांटिक होते हैं। अपने प्यार का इजहार खुलकर करना इन्हें खूब आता है। इन्हें स्मार्ट और समझदार साथी चाहिए और जबतक ऐसा कोई न मिले तब तक किसी एक पर टिकते नहीं ये।
👉L
L से शुरू होने वाले नाम के लोग काफी चार्मिंग होते हैं। इन्हें बहुत ज्य़ादा पाने की तमन्ना नहीं होती, बल्कि छोटी-मोटी खुशियों से ये खुश रहते हैं। पैसों को लेकर समस्या बनती है, लेकिन किसी न किसी रास्ते इन्हें हल भी मिल जाता है। लोगों के साथ प्यार से पेश आते हैं ये। कल्पनाओं में जीते हैं और फैमिली को अहम हिस्सा मानकर चलते हैं ये।प्यार की बात करें तो इनके लिए इस शब्द के मायने ही सबकुछ हैं। बेहद ही रोमांटिक होते हैं ये। वैसे सच तो यह है कि अपनी काल्पनिक दुनिया का जिक्र ये अपने हमसफर तक से करना नहीं चाहते। प्यार के मामले में भी ये आदर्शवादी किस्म के होते हैं।
👉M
M नाम से शुरू होनेवाले लोग बातों को मन में दबाने वाली प्रवृत्ति के होते हैं। कहते हैं ऐसा नेचर कभी-कभी दूसरों के लिए खतरनाक भी साबित हो जाता है। चाहे बात कड़वी हो, यदि खुलकर कोई कह दे तो बात वहीं खत्म हो जाती है, लेकिन बातों को मन रखकर उस चलने से नतीजा अच्छा नहीं रहता। ऐसे लोगों से उचित दूरी बनाए रखना बेहतर है। इनका जिद्दी स्वभाव कभी-कभार इन्हें खुद परेशानी में डाल देता है। वैसे अपनी फैमिली को ये बेहद प्यार करते हैं। खर्च करने से पहले ज्यादा सोच-विचार नहीं करते। सबसे बेहतर की ओर ये ज्यादा आकर्षित होते हैं।प्यार की बात करें तो ये संवेदनशील होते हैं और जिस रिश्ते में पड़ते हैं उसमें डूबते चले जाते हैं और इन्हें ऐसा ही साथी भी चाहिए जो इनसे जी जीन से प्यार करे।
👉N
N से शुरू होनेवाले नाम के लोग खुले विचारों के होते हैं। ये कब क्या करेंगे इसके बारे में ये खुद भी नहीं जानते। बेहद महत्वाकांक्षी होते हैं। काम के मामले में परफेक्शन की चाहत इनमें होती है। आपके व्यक्तित्व में ऐसा आकर्षण होता है, जो सामने वालों को खींच लाता है। ये दूसरों से पंगे लेने में ज्यादा देर नहीं लगाते। इन्हें आधारभूत चीजों की कभी कोई कमी नहीं रहती और आर्थिक दृष्टि से सम्पन्न होते हैं ये।कभी-कभार फ्लर्ट चलता है, लेकिन प्यार में वफादारी करना इन्हें आता है। स्वभाव से रोमांटिक और रिश्तों को लेकर बेहद संवेदनशील होते हैं ये।
👉O
O अक्षर से नाम के लोगों के स्वभाव की बात करें तो बता दें कि इनका दिमाग काफी तेज दौड़ता है। ये बोलते कम हैं और करते ज्यादा हैं, शायद यही वजह है कि ये जल्दी ही उन हर ऊंचाइयों को छू लेते हैं जिनका ख्वाब ये देखा करते हैं। इन सबके बावजूद समाज के साथ चलना इन्हें पसंद है। जीवन के हर क्षेत्र में सफल होते हैं।प्यार की बात करें तो ये ईमानदार किस्म के होते हैं। साथी को धोखा देना इन्हें पसंद नहीं और ऐसा ही उनसे भी अपेक्षा रखते हैं। जिससे कमिटमेंट हो गया, बस पूरी जिंदगी उसपर न्योछावर करने को तैयार रहते हैं ये।
👉P
P से शुरू होनेवाले नाम के लोग उलझनों में फंसे रहते हैं। वैसे, ये चाहते कुछ हैं और होता कुछ अलग ही है। काम को परफेक्शन के साथ करते हैं। इनके काम में सफाई और खरापन साफ झलकती है। खुले विचार के होते हैं ये। अपने आसपास के सभी लोगों का ख्याल रखते हैं और सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं। हां, कभी-कभार अपने विचारों के घोड़े सबपर दौड़ाने की इनकी कोशिश इन्हें नुकसान भी पहुंचाती है।प्यार की बात करें तो सबसे पहले ये अपनी छवि से प्यार करते हैं। इन्हें खूबसूरत साथी खूब भाता है। कभी-कभार अपने साथी से ही दुश्मनी भी पाल लेते हैं, लेकिन चाहे लड़ते-झगड़ते सही साथ उनका कभी नहीं छोड़ते।
👉Q
Q से नाम वाले लोगों को जीवन में ज्यादा कुछ पाने की इच्छा नहीं होती, लेकिन नसीब इन्हें देता सब है। ये स्वभाव से सच्चे और ईमानदार होते हैं। नेचर से काफी क्रिएटिव होते हैं। अपनी ही दुनिया में खोए रहना इन्हें अच्छा लगता है।प्यार की बात करें तो ये अपने साथी के साथ नहीं चल पाते। कभी विचारों में तो कभी काम में असमानता इन्हें झेलना ही पड़ता है। वैसे, आपके प्रति आकर्षण आसानी से हो जाता है।
👉R
R से नाम वाले लोग ज्यादा सोशल लाइफ जीना पसंद नहीं करते। हालांकि, फैमिली इनके लिए मायने रखती है और पढ़ना-लिखना इन्हें नहीं भाता। जो भीड़ करे, उसे करने में इन्हें मजा नहीं आता। ये तो वह काम करना चाहते हैं, जिसे कोई नहीं कर सकता। R से नाम वाले लोग काफी तेजी से आगे बढ़ते हैं और धन-दौलत की कोई कमी नहीं रहती।अपने से ऊपर सोच-समझ और बुद्धि वाले लोग इन्हें आकर्षित करते हैं। दिखने में खूबसूरत और कोई ऐसा जिसपर आपको गर्व हो उनकी ओर आप खिंचे चले जाते हैं। वैसे वैवाहिक जीवन में उठा-पटक लगा ही रहता है।
👉S
S से नाम वाले लोग काफी मेहनती होते हैं। ये बातों के इतने धनी होते हैं कि सामने वाला इनकी ओर आकर्षित हो ही जाता है। दिमाग से तेज और सोच-विचार कर काम करते हैं ये। इन्हें अपनी चीजें शेयर करना पसंद नहीं। ये दिल से बुरे नहीं होते, लेकिन उनके बातचीत का अंदाज़ इन्हें लोगों के सामने बुरा बना देती है। प्यार के मामले में ये शर्मीले होते हैं। आप सोचते बहुत हैं, लेकिन प्यार के लिए कोई पहल करना नहीं आता। प्यार के मामले में ये सबसे ज्यादा गंभीर होते हैं।
👉T
T से शुरू होनेवाले नाम के लोग खर्च के मामले में एकदम खुले हाथ वाले होते हैं। चार्मिंग दिखने वाले ये लोग खुशमिजाज भी खूब रहते हैं। मेहनत करना इन्हें उतना अच्छा नहीं लगता, लेकिन पैसों की कभी कमी नहीं होती इन्हें। अपने दिल की बात किसी से जल्दी शेयर नहीं करते ये।प्यार की बात करें तो रिश्तों को लेकर काफी रोमांटिक होते हैं। लेकिन बातों को गुप्त रखने की आदत भी इनमें होती है।
👉U
U से शुरू होनेवाले नाम के लोग कोशिश तो बहुत-कुछ करने की करते हैं, लेकिन इनका काम बिगड़ते भी देर नहीं लगती। किसी का दिल कैसे जीतना है, वह इनसे सीखना चाहिए। दूसरों के लिए किसी भी तरह ये वक्त निकाल ही लेते हैं। ये बेहद होशियार किस्म के होते हैं। तरक्की के मार्ग आगे बढ़ने पर ये पीछे मुड़कर नहीं देखते।आप चाहते हैं कि आपका साथी हमेशी भीड़ में अलग नज़र आए। वह साथ न भी हो तो आप हर वक्त उन्ही के ख्यालों में डूबे रहना पसंद करते हैं। अपनी खुशी से पहले साथी की खुशियों का ध्यान रखते हैं ये।
👉V
V से शुरू वाले नाम के व्यक्ति स्वभाव से थोड़े ढीले होते हैं। इन्हें जो मन को भाता है वही काम करते हैं। दिल के साफ होते हैं, लेकिन अपनी बातें किसी से शेयर करना इन्हें अच्छा भी नहीं लगता। बंदिशों में रखकर इनसे आप कुछ नहीं करा सकते।बात प्यार की करें तो ये ये अपने प्यार का इजहार कभी नहीं करते। जिन बातों का कोई अर्थ नहीं या यूं कहिए कि हंसी-ठहाके में कही गई बातों से भी आप काफी गहरी बातें निकाल ही लेते हैं। कभी-कभीर ये बाते आपके लिए ही मुसीबत खड़ी कर देती हैं।
👉W
W से शुरू होनेवाले नाम के लोग संकुचित दिल के होते हैं। एक ही ढर्रे पर चलते हुए ये बोर भी नहीं होते। ईगो वाली भावना तो इनमें कूट-कूटकर भरी होती है। ये जहां रहते हैं वहीं अपनी सुनाने लग जाते हैं, जिससे सामने वाला इंसान इनसे दूर भागने लगता है। हालांकि, हर मामले में सफलता इनकी मुट्ठी तक पहुंच ही जाती है।प्यार की बात करें तो ये न न करते हुए ही आगे बढ़ते हैं। हालांकि, इन्हें ज्यादा दिखावा पसंद नहीं और अपने साथी को उसी रूप में स्वीकार करते हैं जैसा वह वास्तव में है।
👉X
X से नाम वाले लोग जरा अलग स्वभाव के होते हैं। ये हर मामले में परफेक्ट होते हैं, लेकिन न चाहते हुए भी गुस्से के शिकार हो ही जाते हैं ये। इन्हें काम को स्लो करना पसंद नहीं, फटाफट निपटाने में ही यकीन रखते हैं ये। बहुत जल्दी चीजों से बोरियत हो जाती है इन्हें। ये क्या करने वाले हैं इस बात का पता इन्हें खुद भी नहीं होता।प्यार के मामले में फ्लर्ट करना इन्हें ज्यादा पसंद है। कई रिश्तों को एकसाथ लेकर आगे चलने की हिम्मत इनमें होती है।
👉Y
Y से शुरू होनेवाले नाम के लोगों से कभी भी सलाह लें, आपकी सही रास्ता दिखाएंगे वह। खर्च के लिए कभी सोचते नहीं, बस खाना अच्छा मिले तो हमेशा खुश रहेंगे। अच्छी पर्सनैलिटी के बादशाह होते हैं। लोगों को दूर से ही पढ़ लेते हैं ये। इन्हें ज्यादा बातचीत करना पसंद नहीं। धन-दौलत नसीब तो होती है, लेकिन इन्हें पाने में वक्त लग जाता है।
बात प्यार की करें तो इन्हें अपने साथी की कोई बात याद नहीं रहती। हालांकि सच्चे, खुले दिल और रोमांटिक नेचर के होने के कारण इनकी हर गलती माफ भी हो जाती है।
👉Z
Z से नाम वाले लोग दूसरों से काफी जल्दी घुल-मिल जाते हैं। गंभीरता इनके स्वभाव में है, लेकिन बड़े ही कूल अंदाज में ये सारे काम करते हैं। जो बोलते हैं साफ बोलते हैं और जिंदगी को इंजॉय करना इन्हें आता है। न मिलने वाली चीजों पर रोने की बजाय उसे छोड़कर आगे बढ़ना इन्हें पसंद है। इन्हें दिखावा नहीं पसंद। इनकी सादगी को देख इन्हें बेवकूफ समझना बहुत बड़ी बेवकूफी होगी। स्वभाव से ये रोमांटिक होते हैं। आपकी ओर कोई भी बड़ी आसानी से अट्रैक्ट हो जाता है। अपने प्यार के सामने आप किसी को अहमियत नहीं देते।
आपके नाम का पहला अक्षर 
बताये आप के स्वभाव का राज...
A' अक्षर वाले होते हैं स्वीट|
'B' अक्षर वाले होते है प्यारे प्यारे
'C' अक्षर वाले होते हैं हर दिल अजीज |
'D' अक्षर वाले कभी समझौता नहीं करते
'E' अक्षर वाले होते हैं दिल-फेंक |
'F' अक्षर वाले होते हैं बेहद चार्मिंग
'G' अक्षर वालों के दिल में मैल नहीं |
'H' अक्षर वाले होतें हैं संकोची
'I' अक्षर वाले दिल से सोचते हैं |
'J' अक्षर वाले होते है बेहद नखरीले
'K' अक्षर वाले होते है मुँहफट |
'L' अक्षर वाले होते हैं कंजूस |
'M' अक्षर वाले होते हैं भावुक |
'N' अक्षर वाले होते है बिंदास
'O' अक्षर वाले होते है छुपे रूस्तम |
'P' अक्षर वाले होते है उसूलपसंद
'Q' अक्षर वाले होते है क्रियेटिव |
'R' अक्षर वाले होते है मनमौजी
'S' अक्षर वाले होते हैं बेहद रोमाटिंक |
'T' अक्षर वाले होते हैं मेहनती
'U' अक्षर वाले होते हैं मस्तमौला |
'V' अक्षर वाले होते हैं आजाद ख्याल के
'W' अक्षर वाले होते हैं अड़ियल |
'X' अक्षर वाले होते हैं जल्दबाज
'Y' अक्षर वाले बोलते हैं कड़वा |
'Z' अक्षर वाले होते हैं सादगी पसंद.
(कॉपी पेस्ट)

सोमवार, 27 अप्रैल 2015

रोहिंग्या मुसलमान कौन है ?

रोहिंग्या मुसलमानों पर प्रकाशित यह ब्लॉग  कुछ वर्ष पहले का है लेकिन वर्तमान में काफी प्रासंगिक है।
गजवा-ए-हिन्द यानी भारत को जीतने का पुराना स्वप्न, कुत्सित आँखों की विभिन्न चरणों की योजना सदियों से चल रही है।
खासी सफल भी हुई है।
वृहद् भारत की बहुत सारी धरती भारत से अलग की जा चुकी है। बंगलादेश को विराट भारत से अलग करने के षड्यंत्र के बारे में पिछले अंक में चर्चा हो चुकी है।
उसी षड्यंत्र के एक और भाग म्यांमार की बातचीत आज करना चाहता हूँ।
मूर्ति पूजक, प्रकृति पूजक, बौद्ध तंत्र तथा बौद्ध मत की महायान शाखा को मानने वाला म्यांमार या बर्मा भारत, थाईलैंड, लाओस, बंगलादेश और चीन से घिरा हुआ देश है।
इसका क्षेत्र 6,76,578 वर्ग किलोमीटर का है।
इसकी धरती रत्नगर्भा है।
माणिक जैसे कीमती जवाहरात, तेल, प्राकृतिक गैस और अन्य खनिज संसाधनों से समृद्ध यह देश बहुत समय से उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है।
यहाँ सैन्य शासन लगातार उपस्थिति बनाये हुए है।
सैन्य शासन समाप्त होने के बाद भी राजनीतिक दल सैन्य अधिकारियों से भरे हुए हैं।
बर्मा में भी मुस्लिम कन्वर्जन के साथ संसार के अन्य सभी देशों में होने वाली उथल-पुथल शुरू से है।
सभी अमुस्लिम देशों, जिनमें इस्लाम का प्रवेश हो गया हो, में मुस्लिम जनसंख्या बढ़ने पर एक विशेष प्रवृत्ति पायी जाती है।
हम मुसलमान अब अधिक संख्या में हैं और अन्य मतावालंबियों की जीवनशैली हमसे भिन्न है।
अत: हम उनके साथ नहीं रह सकते।
हमें अलग देश चाहिए।
ये हाय-हत्या अन्य देशों में जैसे मुस्लिम जनसंख्या बढ़ने के साथ होने लगती है, वैसी ही बर्मा में भी होती आई थी।
मगर इसकी स्थिति द्वितीय विश्व युद्ध के काल में विस्फोटक हुई। ब्रिटिश उपनिवेश रहे बर्मा पर द्वितीय विश्व युद्ध के समय जापानी सेना ने हमला बोला। ब्रिटेन के पाँव उखड़ने लगे।
पीछे हटते हुए ब्रिटिश राज ने बर्मा में जापानियों के खिलाफ अपने छिपे दस्ते बनाने की कोशिश में रोहिंग्या मुसलमानों को ढेरों शस्त्र उपलब्ध कराये।
इन लोगों ने रोहिंग्या मुसलमानों को आश्वासन दिया कि इस युद्ध में यदि उन्होंने ब्रिटेन का साथ दिया तो उन्हें इस्लामी राष्ट्र दे दिया जाएगा।
हथियार पाकर रोहिंग्या मुसलमान भारत के मोपला मुसलमानों की तरह उपद्रव पर उतर आये और उन्होंने जापानियों से लड़ने की जगह अरकान के बौद्धों पर हमला बोल दिया।
यह बिल्कुल वैसा ही था जैसा भारत में गाँधी के नेतृत्व में खिलाफत आंदोलन के समय हुआ।
जैसे अंग्रेजों के खिलाफ और तुर्की के खलीफा के पक्ष में आंदोलन करते मोपला मुसलमान हिन्दुओं पर क्रोध उतारने लगे और उन्होंने लाखों हिन्दुओं की हत्या की, उसी तरह रोहिंग्या मुसलमान अंग्रेजों की कृपा से अपना राज्य पाने की जगह स्वयं ही बौद्धों को मिटा कर इस्लामिक राष्ट्र पाने की दिशा में चल पड़े ।
जिस तरह 1946 में कलकत्ता में किये गए डायरेक्ट एक्शन में एक दिन में मुस्लिम गुंडों ने 10,000 हिन्दुओं को मार डाला था, उसी तरह 28 मार्च 1942 को रोहिंग्या मुसलमानों ने बर्मा के मुस्लिम-बहुल उत्तरी अराकान क्षेत्र में 20,000 से अधिक बौद्धों को मार डाला।
मई, 1946 में बर्मा की स्वतंत्रता से पहले अराकानी मुस्लिम नेताओं ने भारत में मुस्लिम लीग के नेता मोहम्मद अली जिन्ना से संपर्क किया और मायू क्षेत्र को पूर्वी पाकिस्तान में शामिल कराने के लिए उनकी सहायता माँगी।
इसके पूर्व अराकान में जमीयतुल उलेमा ए इस्लाम नामक एक संगठन की स्थापना हुई।
इसका उद्देश्य भी अराकान के सीमांत जिले मायू को पूर्वी पाकिस्तान में मिलाना था।
स्वाभाविक था बर्मा सरकार ने मायू को स्वतंत्र इस्लामी राज्य बनाने या उस पूर्वी पाकिस्तान में शामिल करने से इनकार कर दिया।
इससे क्रुद्ध उत्तरी अराकान के मुजाहिदों ने बर्मा सरकार के खिलाफ जिहाद की घोषणा कर दी।
मायू क्षेत्र के दोनों मुस्लिम-बहुल शहरों ब्रथीडौंग एवं मौंगडाऊ में अब्दुल कासिम के नेतृत्व में लूट, हत्या, बलात्कार एवं आगजनी का भयावह खेल शुरू हो गया और कुछ ही दिनों में इन दोनों शहरों से बौद्धों को या तो मार डाला गया अथवा भगा दिया गया।
अपनी जीत से उत्साहित होकर सन् 1947 तक पूरे देश के प्राय: सभी मुसलमान एकजुट हो गये एवं मुजाहिदीन मूवमेंट के नाम से बर्मा पर लगभग आंतरिक आक्रमण ही कर दिया गया।
स्थिति इतनी भयानक हो गयी कि 1949 में तो बर्मा सरकार का नियंत्रण अराकान के केवल अकयाब शहर तक सीमित रह गया, बाकी पूरे अराकान पर जिहादी मुसलमानों का कब्जा हो गया।
हजारों बंगाली मुस्लिम उस क्षेत्र में लाकर बसाए गए।
इस घुसपैठ से क्षेत्र में मुस्लिम आबादी काफी बढ़ गई।
मुजाहिदीन यहीं नहीं रुके।
अराकान से सटे अन्य प्रांतों में भी यही नीति अपनायी जाने लगी और ये पूरा क्षेत्र म्यांमार के लिए कोढ़ बन गया।
बर्मा ने 1946 में स्वतंत्रता प्राप्त की और तभी से वहां उपद्रव प्रचंड हो गया।
रोहिंग्या मुसलमानों ने बर्मा की स्वतंत्रता प्राप्ति के साथ ही बर्मा से अलग होकर पाकिस्तान (पूर्वी पाकिस्तान, जो अब बंगलादेश बन गया है) में शामिल होने का संघर्ष छेड़ दिया।
रात-दिन हिंसा की घटनाएं होने लगीं।
विवश होकर बर्मा सरकार ने सैन्य कार्रवाही के आदेश दिये।
विश्व के लगभग प्रत्येक मुस्लिम देश ने बर्मा सरकार के इस अभियान की निंदा की परन्तु सरकार पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा और सेना ने पूरे क्षेत्र में जबरदस्त रूप से आतंकवादियों को पकड़ना शुरू कर दिया। हजारों धावे किये गए।
जिहादियों की कमर तोड़ दी गयी और अधिकतर जिहादी जान बचाकर पूर्वी पाकिस्तान भाग गये, कुछ भूमिगत हो गये और अन्दर ही अन्दर विश्व के कट्टरपंथी इस्लामी गुटों के सम्पर्क में रहे।
अपनी शक्ति बढ़ाते रहे और जिहाद के लिए सही अवसर की प्रतीक्षा करते रहे।
ये अवसर उन्हें 1971 में पूर्वी पाकिस्तान के बंगलादेश के रूप में उदय के बाद फिर से मिला।
बचे खुचे जिहादियों में फिर छटपटाहट शुरू हुई और 1972 में जिहादी नेता जफ्फार ने रोहिंग्या लिबरेशन पार्टी (आऱएल़पी़) बनाई और बिखरे जिहादियों को इकट्ठा करना शुरू किया।
हथियार बंगलादेश से मिल गए और जिहाद फिर शुरू हो गया।
परन्तु 1974 में फिर से बर्मी सेना की कार्रवाई के आगे पार्टी बिखर गई और इसका नेता जफ्फार पिट-छित कर बंगलादेश भाग गया।
इस हार के बाद पार्टी का सचिव मोहम्मद जफर हबीब सामने आया और उसने मुस्लिम जिहादियों के साथ रोहिंग्या पैट्रियाटिक फ्रंट का गठन किया।
इसी फ्रंट के सी़ई़ओ़ रहे मोहम्मद यूनुस ने रोहिंग्या सोलिडेरिटी आर्गनाइजेशन (आऱएस़ओ़) बनाया और उपाध्यक्ष रहे नूरुल इस्लाम ने अराकान रोहिंग्या इस्लामिक फ्रंट (ए़आऱआई.एफ) का गठन किया।
इन जिहादी संगठनों की मदद के लिए पूरा इस्लामी जगत सामने आ गया।
इनमें बंगलादेश एवं पाकिस्तान के सभी इस्लामी संगठन, अफगानिस्तान का हिजबे-इस्लामी, भारत के जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हिजबुल मुजाहिदीन, इंडियन मुजाहिदीन, मलेशिया के अंकातन बेलिया इस्लाम मलेशिया ( ए़बी़आई़एम) तथा इस्लामिक यूथ आर्गनाइजेशन ऑफ मलेशिया मुख्य रूप से शामिल थे।
पैसा अरब राष्ट्रों से आता रहा।
पाकिस्तानी सैनिक गुप्तचर संगठन आई़ एस़ आई़ ने रोहिंग्या मुसलमानों को पाकिस्तान ले जाकर उन्हें अपने प्रशिक्षण केन्द्रों में उच्च स्तरीय सैनिक तथा गुरिल्ला युद्धशैली का प्रशिक्षण प्रदान किया।
इसके बाद ये लड़ाई और भी हिंसक हो गयी।
पूरे देश में बौद्धों पर हमले होने लगे।
फिर भी बर्मा का सामान्य नागरिक अपनी सुरक्षा के प्रति उदासीन बना रहा।
भारत की तरह वहाँ भी कायरतापूर्ण शान्ति और झूठी एकता का पाठ पढ़ाने वाले नेताओं का कुचक्र चल रहा था।

ऐसे में मांडले के बौद्ध भिक्षु पूज्यचरण अशीन विराथु सामने आये।
जिन्होंने अपने प्रभावशाली भाषणों से जनता को समझाया कि यदि अब भी वे नहीं जागे तो उनका अस्तित्व ही मिट जाएगा।
इसी दौरान कुछ हिंसक झड़पें हुईं कई बौद्ध मारे गये।
शनै: शनै: जनता इन झगड़ों का मूल कारण जिहाद और उसके कारण होने वाली दुर्दशा को समझने लगी।
जब अपनी जिन्दगी पर प्रभाव पड़ता है तो स्वाभाविक ही नींद खुल जाती है।
अंततोगत्वा जनता का धैर्य टूट गया और लोग भड़क उठे।
यहाँ तक कि दुनिया में सबसे शान्तिप्रिय माने जाने वाले बौद्ध भिक्षुओं ने भी हथियार उठा लिया।
फिर तो बर्मा की तस्वीर ही बदलने लगी।
इस्लामी आतंकवाद की पैदावार हिंसक झड़पों एवं उनके भड़काऊ भाषणों पर पूज्य अशीन विराथु के तेजस्वी भाषणों से बर्मा की सरकार ने सेकुलरिज्म दिखाते हुए विराथु को 25 वर्ष की सजा सुनायी थी।
लेकिन देश जाग चुका था और विराथु के जेल जाने के बाद भी देश जलता रहा और जनता के जबरदस्त दबाव में सरकार को उन्हें उनकी सजा घटाकर केवल सात साल बाद 2011 में ही जेल से रिहा करना पड़ा।
रिहा होने के पश्चात भी विराथु की कट्टर राष्ट्रवादी सोच में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
और वे अनवरत रूप से अपने अभियान में लगे रहे।
28 मई, 2012 को मुस्लिम गुंडों ने एक बौद्ध महिला का बलात्कार करके हत्या कर दी। इसके बाद पूरे बर्मा के बौद्ध अत्यंत उग्र हो गये और फिर तो वहां ऐसी आग लगी कि पूरा देश जल उठा।
म्यांमार के दंगों में विराथु के भड़काऊ भाषणों ने आग में घी का काम किया।
उन्होंने साफ कहा कि अब यदि हमें अपना अस्तित्व बचाना है तो अब शांत रहने का समय नहीं है।
उन्होंने बुद्ध के अहिंसा-शांति के उपदेशों के रास्ते को छोड़कर आक्रमण की नीति अपनाने के उपदेश दिए।
मोक्ष की साधना आखिर शांतिमय वातावरण चाहती है।
रात-दिन हमलों, बम विस्फोटों से देश को बचाना शांति-अहिंसा के पालन के लिए ही आवश्यक है।
उन्होने म्यांमार की जनता को साफ कहा कि अगर हमने इनको छोड़ा तो देश से बौद्धों का सफाया हो जाएगा और बर्मा मुस्लिम देश हो जायेगा।
विराथु ने जनगणना के आंकड़ों से तथ्यात्मक रूप से सिद्ध किया कि मुस्लिम अल्पसंख्यक बौद्ध लड़कियों को फंसाकर शादियां कर रहे हैं एवं बड़ी संख्या में बच्चे पैदा करके पूरे देश के जनसंख्या-संतुलन को बिगाड़ने के मिशन में दिन-रात लगे हुए हैं।
जिसके कारण बर्मा की आन्तरिक सुरक्षा के लिये भारी संकट पैदा हो गया है।
इनका कहना है कि मुसलमान एक दिन पूरे देश में फैल जाएंगे और बर्मा में बौद्धों का नरसंहार शुरू हो जाएगा।
विराथु के विचारों का जनसाधारण में प्रचंड समर्थन देखकर वहाँ की सरकार भी झुकी और वहाँ की राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से कहा- इस्लामी आतंकियों को अब अपना रास्ता देख लेना चाहिए।
मेरे लिए महत्वपूर्ण हमारे देश के मूलनिवासी हैं।
मुस्लिम चाहें तो शिविरों में ही रहे या बंगलादेश जाएं।
विराथु ने अपने देश से लाखों आतंकवाद के समर्थकों, प्रेरकों को भागने पर मजबूर कर दिया।
वे अपनी बातें अधिकांशत: डीवीडी और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुँचाते हैं।
धीर-गंभीर विराथु दृष्टि नीचे किए शांत स्वर में अपने हर उपदेश में बौद्धों के संगठित होने और हिंसा का जवाब हिंसा से देने का उपदेश देते हैं।
मंडाले के अपने मासोयिन मठ से लगभग दो हजार पाँच सौ भिक्षुओं की अगुआई करने वाले विराथु के फेसबुक पर हजारों फालोअर्स हैं और यूट्यूब पर उनके वीडियो को लाखों बार देखा जा चुका है।
छह करोड़ की बौद्ध आबादी वाले म्यांमार में मुस्लिम विरोधी भावना तेजी से गति पकड़ रही है।
बौद्ध भिक्षुओं को शांति और समभाव का आचरण करने के लिए जाना जाता है किंतु म्यांमार के अधिकांश बौद्ध आत्मरक्षा के लिए अब जिहादियों का
तौर-तरीका अपनाने में भी कोई संकोच नहीं कर रहे हैं।
म्यांमार में हुए कई सर्वेक्षणों के बाद ये प्रमाणित हो चुका है कि जनता एवं बौद्ध भिक्षु विराथु के साथ हैं।
विराथु का स्वयं भी कहना है कि वह न तो घृणा फैलाने में विश्वास रखते हैं और न हिंसा के समर्थक हैं, लेकिन हम कब तक मौन रहकर सारी हिंसा और अत्याचार को झेलते रह सकते हैं?
इसलिए वह अब पूरे देश में घूम-घूम कर भिक्षुओं तथा सामान्यजनों को उपदेश दे रहे हैं कि यदि हम आज कमजोर पड़े, तो अपने ही देश में हम शरणार्थी हो जाएंगे।
म्यांमार के बौद्घों के इस नये तेवर से पूरी दुनिया में खलबली मच गई है।
दुनिया भर के अखबारों में उनकी निंदा में लेख छापे जा रहे हैं परन्तु पूज्य चरण अशीन विराथु को इससे कोई अंतर नहीं पड़ता।
वे पूर्ववत असली राष्ट्र आराधन में लगे हुए हैं।