शुक्रवार, 28 मई 2021

देश व देशवासियों के लिए BJP के कार्य..

कृपया खानदान के गुलाम,संकीर्ण जातिवादी मुर्ख . बामपंथी,आतंकी-अलगावादी समर्थक इसे पूरा पढ़ने कि कोशिश नहीं करे अन्यथा उनको हार्टअटेक या ब्रेनस्टोक या फिर कोमा मे या पागल हो सकते  हैं ।

1)  देश का सबसे बड़ा सरदार सरोवर बांध को पुर्ण कराया जिसे लौह पुरुष पटेल के नाम से बनने के कारण 65 साल से अटकाया गया था ।

2)  देश का सबसे लम्बा भूपेंद्र हजारिका सेतु 9.15km को बनाया जिसे पिछली सरकार चीन के डर से रोका था ।

3) देश की सबसे लम्बी चनानी -नौशेरा सुरंग बनाया जिसे पिछली सरकार ने अटकाया था 

4)  विश्व की सबसे ऊंची रेल्वे ब्रिज चिनाब नदी पर बना जिसका काम 2008 में रोका गया था ।

4)  वन रेंक वन पेंशन सेना को उसका हक दिया जिसे पिछली सरकार 45 साल से छल रही थी ।

5)  2014 से पहले मात्र तीन शहर मेट्रो आम जनता के लिये चलता था और 2014 से 19 के बीच मुम्बई चेन्नई जयपूर कोच्चि हैदराबाद लखनऊ अहमदाबाद नागपूर मे भी मेट्रो ट्रेन जनता के लिये खोल दिये गये ।

6)  मेट्रो ट्रेन का रुट 2014 मे  km 250 था अब 2019 मे 650 km हैं मोदी सरकार ने 5 साल मे 400 km का रुट बना के पूर्ण कर दिया ।

7)  किसान सम्मान निधि योजना के तहत 12 करोड़ सिनियर सिटिजन छोटे सीमान्त किसानों को 6 हजार रुपए पेन्शन की व्यवस्था किया गया हैं मोदी सरकार ने आजादी के बाद पहली बार अन्यदाता के लिये पेन्शन योजना लागू किया ।

8)   मोदी ने आंबेडकर को दिया गया सम्मान चार साल मे ही पूर्ण ,महू में जन्म भूमि नागपूर में दीक्षा भूमि,मुम्बई में चैत्य भूमि दिल्ली में कर्म भूमि ,लंदन में बाबा साहेब स्मारक बनवाया है ।

9)   देश का पहला 14 लेन राजमार्ग दिल्ली - मेरठ एक्सप्रेस वे मात्र 1एक साल 4 माह मे पूर्ण कर दिया मोदी सरकार ने ।

10)   देश कि प्रथम जल मार्ग गंगा नदी(बनारस से हल्दीया के मध्य ) मे बनाया वह भी चार साल मे शुरू भी हो गया ।

11)   भरुच जिले मे नर्मदा नदी पर देश का सबसे लम्बा एक्स्ट्रा  डाज्ड केवल ब्रिज निर्माण पूर्ण किया ।

12)   देश का सबसे बडा सोलर प्लांट 75मेगावॉट का मिर्जापुर UP मे पूर्ण पूर्ण हुआ ।

13)   विश्व का सबसे उचित मूर्ति स्टेच्यू ऑफ यूनिट सरदार पटेल का समयबध्यता से पूर्ण हुआ 

14)   ग्रामीण शहर गांव मे बिजली 70% थी 2014 मे अब 95% हैं 2018 मे ।

15)   नेशनल हाइवे 1947 मे 21000 km था और 65साल मे बढ़ कर 2014 मे मात्र 91285 km हुआ  अब 2018 मे 131326 km हो गया हैं 44%कि ज्यादा हो गयी हैं ।

16)   देश कि पहली न्यूक्लिअर सबमरीन 2016 मे नौसेन मे शामिल किया ऐसा करणे वाला विश्व का छटा देश बना और 6 नये सबमरीन खरीदने का समझौता किया ।

17)  2014 तक 13 करोड़ वैलिड गैस कनेक्शन था अर्थात 55% घरो मे थी अब 2019 तक 25 करोड़ हो गई 90 %घरो  तक हो गई ।

18)  चेन्नई का इंटिग्रेटेड कोच फ्रेक्ट्रि रेल्वे कि विश्व का सबसे बड़ी रेल फेक्टरी बनी चीन को पछाड कर बना रिकार्ड 2919 कोच का निर्माण किए ।

19)   नासा ने सेटेलाईट पिच्चर के आधार पर अपने रिपोर्ट मे बताया कि कुछ सालो से भारत और चीनी ही दुनिया को सबसे ज्यादा हराभरा हुआ अर्थात विकास के साथ पर्यावरण का भी ख्याल रखा ।

20)    2.5 साल मे ही 50 साल पुरानी मांग 22600 शहीदो के सम्मान मे नेशनल वार मेमोरियल बनाया गया ।

21)   भारतीय पुंजी निवेश दुगना हो गया 2013 मे 1 ट्रिलियन था अब 2018  मे 2 ट्रिलियन हो गया हैं

22)   2014 मे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 30 हजार मिलियन डालर था अब 2018 मे 136 हजार हो गया 450 % ज्यादा हो गया ।

23)  2014मे ग्रामीण सडक से जुडी बस्ती मात्र 55% थी अब 2018 मे 91% हो गयी हैं ।

24)   ग्रामीण क्षेत्रों मे शौचालय 2014 मे 38% था अब 2018 मे बढ़कर 95% हो गया हैं ।

25)  देश कि सबसे बड़ी गैस वितरण योजना का लोकार्पण किया 400 जिले को नेटवर्क से जोडा है ।

26)   भारत का सबसे लम्बा 4.9km कि रेल सह सडक पूल डिब्रुगह असम मे बौगिबेल पूर्ण कराया जिसे 2002 मे अटल सरकार ने शुरू किया था और कांग्रेस कि सरकार ने चीन का डर से रोक सकता है उसे मोदी सरकार ने अब पूर्ण करा दिया है ।

27)   1998 मे अटल सरकार ने सुखोई लडाकु विमान खरीदा था और काँग्रेस कि दस साल के शासन मे एक भी नहीं खरीदा कहते थे पैसे पेड पे नहीं लगता है और अब मोदी सरकार ने राफेल लडाकु विमान खरीद ।

28)  पिछली सभी काँग्रेस कि सरकार ने कुल 52 सेटेलाईट लाँच किये थे मोदी सरकार ने 4.5साल मे अबतक देशी विदेशी 270 सेटेलाईट लाँच कर चुके हैं ।

29)  अमेठि ऊँचाहार रेल्वेलाईन जिसका वादा इंदिरा राजीव सोनिया राहुल ने किया था उसे मोदी सरकार ने पूरा किया ।

30)  12हजार हार्स पावर का दमदार इंजिन मोदी सरकार ने बनाया पहले सिर्फ 6हार्स पावर का रेल इंजिन बनता था ।

31)  1988 तक भारतीय रेल कि सबसे तेज ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस 150 km था और 26 साल तक उसे पिछली सरकार नहीं बढ़ा पा रही थी मोदी सरकार ने t-18 ट्रेन को 180 km कि तेज गति से चलाकर दिखा दिया ।

 32)   मोदी सरकार ने 1.19लाख गाँव ग्राम पंचायत को आप्टिक फायबर से जोडा ।

33)  उजाला योजना से 31 करोड LED बल्ब को सस्ते दर मे बल्ब वितरण किया ।

34)  प्रधानमंत्री सडक योजना से अबतक 1.80 KM लाख सडक बना चुकी है मोदी सरकार का काम बोलता है ।

35)  देश का पहला रेल विश्वविद्यालय वडोदरा मे बन कर तैयार ऐसा करने वाला विश्व का तिसरा देश बना ।

36) 1980 से भारतीय सेना कि जरूरत और मांग देश कि पहली गहन जलमग्न बचाव वाहन (DSRV)नौ सेना को मिला 2018 मे ।

37)   20 साल बाद विदेशी निवेश 2018 मे चीन से ज्यादा हुआ मोदी सरकार कि सफल विदेश नीति के कारण हुआ  भारत का 38 बिलियन डालर और चीन का 32 बिलियन डालर। 

38)  बोफोर्स घोटाल उजागर होने से सेना की जरूरत को फाइल में लटकाया की 30 साल बाद सेना को हल्के हाविज्वर तोप मिला ।

39)  जन धन योजना से अब तक 31.31करोड़ गरीबों का बैंक में खाता खुला है एक माह में 18करोड़ खाता खुलने को विश्व रिकार्ड है ।

40)   उज्ज्वला योजना में ग्रामीण गरीब महिलाओं को GPG गैस दिया रहा है अब तक 6 करोड़ से ज्यादा लोगों ने लाभ उठा चुके है ।

41)   मुद्रा योजना लागू किया इसमें लघु    छोटे उद्योग को 10लाख का लोन दिया जाता है अब तक लोन 12 करोडो लोगो  को दिया गया पिछली सरकार तो सिर्फ माल्या और नीरव मोदी चौकसे  जिंदल  जय प्रकाश ग्रुप जैसे उद्योगपती को ही मिलता था ।

42) एशिया कि सबसे लम्बी सुरँग जोजीला लेह कारगिल लड्डाख बनाया जा रहा है जो कि सेना के लिये अति आवश्यक है जिसे पकिस्तान चीन और आतंकियो के डर नहीं बनने दिया जा रहा था ।

43)   किसन गंगा हैड्रोपावर (330 मेगावॉट )पूर्ण कराया जिसे पिछली सरकार 1960 से पकिस्तान के डर या प्रेम या पाक प्रेमियों के वोट बैंक कि नाराजगी के कारण अट्काय जा रहा था ।

44)   कृषी भूमी हेल्थ कार्ड योजना लागू किया गया है  इसमें मिट्टी जमीन कि जांच करके किसानों को कोन सी खेती करना और कितना खाद का उपयोग करने संबंधित जानकारी मुफ्त में दिया जाता है ।

45)   फसल बीमा योजना में पहले 50% नुकसान पे बीमा मिलता था अब किसान को 33% पर भी मिल जाता है और युरिया को नीम कोटेड किया कलाबाजारी खत्म हुआ अब देश मे युरिया की कोई कमी नहीं है ।

46)   युनिवर्सल अकाउंट नम्बर UAI से करोडो श्रमिक को EPF खाता खौलना और फंड ट्रान्सफर करना आसान किया इसमें भ्रष्टाचार को रोका और श्रमिकों के हितों कि सुरक्षा का प्रावधान है ।

47)   मेक इन इंडिया के करण विश्व का दुसरा मोबाईल उत्पाद देश बना 2013-14 में 3% होता था अब 11% होता है ।

48)   2013-14 में सोलर ऊर्जा उत्पादन 3350 GWS होता था अब 25872 Gws होता है लगभग आठ गुना ज्यादा और अब विश्व में दुसरा स्थान है ।

49)   बिजली उत्पादन 2013-14 से अब तक 40% ज्यादा हो रहा है रुस को पछाड कर विश्व में तिसरा स्थान है ।

50)  प्रधानमंत्री आवास योजना -चार साल में एक करोड़ पचास लाख गरीबों के लिये बनाया।  पिछले 65 साल का  कुल योग मात्र 77 लाख  है ।

51)    प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना - एक रुपया महिना में दो लाख का दुनिया का सबसे सस्ता बीमा 15करोड़ से ज्यादा लाभार्थी ।

52)   लाखो स्कूल और माता बहनौ गरीबों के लिये  10 करोड़ शौचालय बनाया ।

53)  2014 मे भारतीय रेल स्टेशन मे एस्लेटेर कि संख्या 199 थी और अब 2019 मे 603 हो गई ।

54)  2014 मे भारतीय रेल स्टेशन मे लिफ्ट  मात्र 97 थी और 2019 मे लिफ्ट  अब 445 हो गई ।

55)   8948 मानव रहित लेवल क्रॉसिंग को मोदी सरकार ने हटाया गया जो रेल मे दुर्घटना का मुख्य कारण था जिसका वादा पिछले 40 साल से सभी सरकार करते आ रहे थे ।

56)  2004-14 (दस साल )के मध्य भारतीय रेल ने मात्र 413 रेल रोड ब्रिज और अंडर ब्रिज का निर्माण किया और 2014-19 (पांच साल )के मध्य 1220 का निर्माण पूर्ण हुआ लगभग तीन गुना ज्यादा ।

57)   पांच साल मे 118 नये मेडिकल कालेज खुले है PG के 15000सीटें और MBBS के 18643सीटें बढ़ गई ।

58)  2013-14  देश के बजट  में टोटल आय में  कर्ज   25% लिया जाता था  और व्यय खर्च में ब्याज कि  देनदारी का हिस्सा 24% था 
2018-19 में बजट  में  टोटल आय में कर्ज  का हिस्सा 19% और व्यय खर्च में ब्याज का हिस्सा 18% है । इतने कम समय में इतना कम लोन  करने देश के अन्य PM को छोड़ो विश्व के किसी भी नेता का रिकार्ड नहीं है ।

59)  मोदी सरकार के कार्यकाल में राजकोषीय घाटा औसत 3.4%  और राजस्व घाटा 2.2% है पिछली सरकार के औसत से 30%कम है बजट घाटा इतना कम किसी और  PM ने कभी  नहीं किया है ।

60)  प्रथम बार लोकपाल कि मांग 1967 मे उठा था इंदिरा ने 1971 मे राजीव ने 1985 मे संसद मे पेश किया और दो तिहाई से ज्यादा बहुमत होते हुये भी लटका दिया और अब 52 साल बाद मोदी सरकार ने प्रथम लोकपाल पिनाकी चंदघोष की नियुक्ति किया है ।

61)  मोदी सरकार ने अब तक 1500 से ज्यादा निरर्थक अप्रचलित पुराने कानून को रद्द कर दिया जो आज के प्रशासन के लिये सरदर्द थे ऑर 1600 पुराने कानून को भी रद्द करने के लिये चिन्हित किया गया हैं पिछले 65 साल मे मात्र 1301 पुराने कानून को रद्द किया गया था ।

62)  बुलेट ट्रेन मुम्बई ऑर अहमदाबाद के मध्य काम चालू हैं ऑर 1 लाख करोड़ रुपए जपान लगा रहा हैं इतनी दरियादिली किसी ऑर देश या प्रोजेक्ट मे अब तक नहीं दिखाई मोदी के फ्रेंडली विदेशनिती का नतीजा हैं ।

63)  केंद्रीय कर्मचारीयो क़े ग्रेड 3 और 4 की इंटरव्यू खत्म किया भर्ती मे  भ्रष्टाचार पर रोक और प्रमाणपत्र क़े फोटो कापी मे स्वप्रमाणित नियम बनाया छात्रों को अधिकारीयो क़े चक्कर लगाने से छूट मिला ।

64)   जिनेरिक (जन औषधी ) दवा केन्द्र 2014 तक मात्र 80 था अब 5000 से ज्यादा है यहां 70% तक सस्ता दवा मिलता है हार्ट क़े स्टेंट मे 80% दाम मे कमी किया ।

65)  2013 मे प्रति व्यक्ती आय 86647 से पांच मे बढ़कर 125367 रूयय 45%ज्यादा हुआ ।

88)   स्टेंडर्ड एंड पुअर S & P विश्व विख्यात रेटिंग एजेंसी ने 10 साल बाद भारत कि रेकिन्ग में सुधार किया पहली बार  BBB - किया 2017 में  यह रेटिंग देश कि अर्थव्यवस्था मजबुती ऑर सुधार को प्रदर्शित करता है ।

89)   मुडीस विश्वविख्यात रेटिंग देने वाली एजेंसी ने 2004 के के बाद 2017 में पहली BAA2 किया ये देश कि अर्थव्यवस्था में सकारात्मक सुधार ऑर विकास सुधार के लिये दिया गया है ।

90)  विश्व बैंक ने व्यापर में सूगमता (easy of doing business)में भारत कि रेन्किन्ग 2014 में 134 थी अब 2018 में सुधार हो के 77हो गयी है यह मोदी सरकार के व्यापर में सरकारी हस्तक्षेप बाधा भ्रष्टाचार कम होने के लिये हुआ है ।

91)    संयुक्त राष्ट्रसंघ UN ने मोदी को सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान चेम्पियन्स आफ द अर्थ 2018 में दिया है जो कि मोदी द्वारा 121देशों को साथ लाकर बनाया गये आंतराष्ट्रीय सोलर गथबन्धन के लिये ऑर सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिये दिया गया ।

92) आंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष IMF कि रिपोर्ट 2017 में कहा गया कि दुनिया कि सबसे तेजी से उभारती अर्थव्यवस्था है ऑर पिछले तीन साल में बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों में सबसे कम कर्ज लिया है ।

93)  प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था वाले देशों में अब भारत कि रेन्किन्ग 58 है जो कि 2014 में 71 थी 13देश को पीछे छोड दिया है देश मे स्वस्थ प्रतियोगी बिजनेस का माहौल बनाया ।

94)   संयुक्त राष्ट्रसंघ UN रिपोर्ट 2017 में कहा गया है देश में पाँच से कम उम्र के बच्चो कि मृत्यु में 25% कि कमी  हुई है जो कि खाद्यसुरक्षा साफ पानी शौचालय निर्माण ऑर स्वच्छता अभियान के कारण हुआ है ।

95)  आंतराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संस्था 2017कि रिपोर्ट में कहा गया कि भारत दुनिया कि सबसे तेजी से बढ़ता विमानक बाजार निर्माण केंद्र बन गया है ।
 
96)  देश स्टील उत्पादन में बढ़ोतरी हुआ और पहली बार  जापान को पीछे छोड के दुसरा स्थान मिला ।

97)   देश मे चीनी उत्पादन में बढ़ोतरी हुई विश्व मे पहला स्थान मिला ब्रजील को पिछड़ा ।

98)   आटोमोबाईल बाजार वृद्धी किया मचौथा स्थान मिला जर्मनी को पछाडा ।

99)  मोदी क़े अपील पर 1करोड़ 15 लाख लोगो ने गैस सबसिडी छोड दिया ये भी एक बहुत बड़ी उपलब्धि है ।

100)   2013 - 14 में सिर्फ 3.8 करोड़ लोगो ने इन्कम टेक्स रिटर्न जमा किया था ।
2017 -18 में 6.86 करोड़ लोगो ने इनकम टेक्स रिटर्न  जमा किया जो कि 2013_14 से 80% ज्यादा है लोगो ने सालाना 2.5 लाख रुपए कमाय है जबकि 2 लाख कामाने से तुलना करे तो 120% ज्यादा होगा ।
यदि इसी प्रकार चार- पाँच सालो में 80- 120 % कि बढ़ोतरी प्रत्येक सरकार 1947 से करती रहती तो हमारा देश इस समय किस ऊँचाईयो और बुलन्दियो पे होते ।

 दोस्तों कमी ढूंढना आसान है लेकिन ।पाँच साल मे मोदीजी से बेहतर काम  करने वाला प्रधानमंत्री आकडे देकर ढूंढना "मुश्किल ही नहीं नामुमकिन"

मोदी सरकार से बेहतर किस प्रधानमंत्री ने कार्य किया इसके आकडे सहित मांगोगे तो विरोधी  तो बिन पानी के मछली जैसे छटपटाने जैसी हरकत करेंगे। 

प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत की उपलब्धियां - मोदी सरकार की 7 वर्षों की उपलब्धियां पढ़ते पढ़ते आप थक जायेंगे, फिर भी इस पोस्ट में कई उपलब्धियों का उल्लेख छूट गया है।

📌 अंतर्राष्ट्रीय सदस्यता:
● EBRD सदस्यता
● International Energy Agency
● Australia Group
● SCO सदस्यता
● Wassenaar Arrangement
● MTCR सदस्यता
● CREN
● Asian Infrastructure Investment Bank (AIIB)
● International Solar Alliance
📌 सुरक्षा समझौते:
● अमेरिका के साथ Military Logistic Pact 'LEMOA'
● फ्रांस के साथ Military Logistic Pact 'MLSA'
● साउथ कोरिया के साथ Military Logistic Pact
● जापान के साथ Cross Servicing Agreement 'ACSA'
● ऑस्ट्रेलिया के साथ MLSA pact
● रूस के साथ Military Logistic Pact
● 'सबांग पोर्ट' इंडोनेशिया तक पहुंच
● 'एसोम्शन आइलैंड' पर नौसेना बेस
● 'अगालेगा द्वीप' में सैन्य बेस
● ओमान में 'दुक्म पोर्ट' तक पहुंच
● श्रीलंका में 'त्रिंकोमाली पोर्ट' बनाने के लिए
● सिंगापुर के साथ समुद्री लॉजिस्टिक समझौता
● इज़राइल के साथ व्हाइट शिपिंग समझौता
📌 बड़े कदम:
● रिटायर्ड सैनिकों के लिए ओआरओपी
● 7वां वेतन आयोग
● किसानों के लिए एमएसपी में वृद्धि
● पीएम किसान सम्मान निधि
● एमएसएमई को 1 करोड़ ऋण
● जीएसटी स्लैब में कमी
● एमएसएमई को 40 लाख टर्नओवर तक जीएसटी से छूट
📌 वित्तीय बचत:
● काला धन रिकवरी : 94,000 करोड़ से अधिक
● अघोषित आय : 1.3 लाख करोड़ से अधिक
● एनपीए रिकवरी : 5.63 लाख करोड़ से अधिक
● रक्षा सौदों से अतिरिक्त बचत : 1.92 लाख करोड़ से अधिक
● डीबीटी बचत : 1.78 लाख करोड़ से अधिक
● विनिवेश से बचत : 2.8 लाख करोड़ से अधिक
● खानों की नीलामी से बचत : 1.81 लाख करोड़ से अधिक
📌 प्रमुख रक्षा सौदे:
● राफेल मल्टीरोल फाइटर जेट
● S-400 SAM
● प्रोजेक्ट 17A फ्रिगेट
● Barak-8 MRSAM
● 'अरिहंत क्लास' न्यूक्लियर सबमरीन
● 'अपाचे' और 'चिनूक' हेलीकॉप्टर
● अकुला-द्वितीय परमाणु पनडुब्बी
● प्रोजेक्ट 11356 क्लास फ्रिगेट्स
● M777, 'धनुष' होवित्जर आर्टिलरी
● K-9 ट्रैक होवित्जर 
● AK-203 असॉल्ट राइफल
● "MH-60R" नौसेना हेलीकॉप्टर सौदा
📌 बड़ा 56" एक्शन:
● म्यांमार स्ट्राइक
● सर्जिकल स्ट्राइक
● बालाकोट एयर स्ट्राइक
● जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध
● डोकलाम स्टैंड-ऑफ
● जेकेएलएफ प्रतिबंधित
● 'पाक' और 'बांग्लादेश' से सटी सीमा सील
● नागरिकों पर कोई बड़ा आतंकवादी हमला नहीं
● गलवान स्टैंड-ऑफ
📌 बड़ा बदलाव:
● स्विस बैंक की जमा राशि में 91% की कमी
● अत्यधिक गरीब 2011 में 26 करोड़ से घटकर 5 करोड़ रह गए
● ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग 142 से 63 हो गई
● अप्रैल 2021 में UPI लेनदेन 2,641 मिलियन रहा
● 2020-21 में उच्चतम खाद्यान्न उत्पादन 303 मिलियन टन रहा
📌 वित्तीय सुधार (रिफॉर्म):
● आधार अधिनियम, 2016 (धन विधेयक)
● नोट बंदी
● Bankruptcy & Insolvency Code Bill 2016
● Good & Service Tax (GST)
● बेनामी संपत्ति अधिनियम
● भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक (FEOB)
● ई-वे बिल
● रक्षा खरीद नीति (डीपीपी)
● बैंकों और एनबीएफसी की तरलता बढ़ी
● 111 लाख करोड़ की राष्ट्रीय इन्फ्रा योजना पेश की गई
● कॉर्पोरेट टैक्स को कम किया गया
📌 लंबे समय से लंबित प्रमुख मुद्दों का समाधान:
● बांग्लादेश सीमा विवाद
● एनआरसी कार्यान्वयन
● ट्रिपल तलाक
● नागा शांति समझौता
● नागरिकता संशोधन विधेयक
● पाकिस्तान से 'एमएफएन' का दर्जा वापस लेना
● रोहिंग्या घुसपैठियों की वापसी
● हज सब्सिडी खत्म करना
📌 सार्वजनिक योजनाएं:
● मुद्रा योजना : 28.82 करोड़ से अधिक लोगों को ऋण
● स्वच्छ भारत योजना : 11.35 करोड़ से अधिक टॉयलेट
● 'स्मार्ट सिटी' मिशन
● 'नमामि गंगे' मिशन
● 'आयुष्मान भारत' योजना
● पीएम जन धन योजना : 42.38 करोड़ से अधिक बैंक अकाउंट
● उज्जवला योजना : 8.03 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन
● पीएम फसल बीमा योजना : 8.94 करोड़ से अधिक 
● 'सौभाग्य' योजना : 2.62 करोड़ से अधिक घर में बिजली कनेक्शन
● PMAY किफायती आवास : 1.86 करोड़ से अधिक घर
● 'उजाला' एलईडी बल्ब योजना : 36.73 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब
● 'उड़ान' योजना
● 'मेक इन इंडिया' योजना
● आत्मनिर्भर भारत
● PLI स्कीम
● अटल पेंशन योजना : 3.04 करोड़ लाभार्थी
● पीएम जीवन ज्योति बीम योजना : 10.32 करोड़ से अधिक
● पीएम सुरक्षा बीमा योजना : 23.36 करोड़ 
● अटल टिंकरिंग लैब्स : 8,878
● हर घर जल योजना
📌 स्मारक स्थापित:
● राष्ट्रीय समर स्मारक
● लाल किला बैरक संग्रहालय
● राष्ट्रीय पुलिस स्मारक
● सिनेमा संग्रहालय
● स्टैच्यू ऑफ यूनिटी - सरदार पटेल
● पं. दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल
● डॉ. अम्बेडकर राष्ट्रीय स्मारक
● "पी. वी. नरसिम्हा राव" के लिए स्मारक
📌 लंबित इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं पूर्ण:
● कोल्लम बाईपास
● बाणसागर कैनाल
● वाराणसी कोलकाता जलमार्ग (NW-1)
● बोगीबील ब्रिज
● कटरा रेल लाइन
● सरदार सरोवर डैम
● पश्चिमी और पूर्वी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
● कोटा चंबल ब्रिज
● पाक्योंग हवाई अड्डा
● ढोला सदिया ब्रिज
● चेनानी नाशरी सुरंग
● रोहतांग सुरंग
📌 अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति:
● ADNOC तटवर्ती तेल खोज
● चाबहार बंदरगाह समझौता
● आसियान-भारत समझौता
● जापान के साथ 75 अरब डॉलर मुद्रा विनिमय समझौता
● अबू धाबी में हिंदू मंदिर
● रूस के साथ रुपया - रूबल व्यापार 
● INSTC परियोजना
● रूस-भारत गैस पाइपलाइन*
📌 अंतरिक्ष मिशन और उपग्रह:
● गगनयान मिशन
● EMISAT
● Microsat-R
● GSAT-7A
● GSAT-15 
● HySIS Satellite
● Catrosat' Series
● South Asia Satellite
● एक साथ 104 सेटेलाइट स्थापित
● मिशन शक्ति
● नाविक नेविगेशन सिस्टम
📌 बड़े वादे:
● 5 लाख तक कर योग्य आय पर शून्य कर
● 10% आर्थिक आरक्षण
● प्रधान मंत्री श्रम योगी मान-धन योजना
● दूसरे घर पर टैक्स छूट
● स्टार्ट अप के लिए 50 लाख का ऋण
● 'किसान क्रेडिट कार्ड' से 1 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण
📌 मेगा प्रोजेक्ट्स:
● बुलेट ट्रेन परियोजना
● ट्रेन-18, तेजस और हमसफर ट्रेनें
● सामरिक कच्चे तेल के भंडार
● डिफेंस कॉरिडोर
● मेट्रो ट्रेन परियोजना
● भारतमाला प्रोजेक्ट
● सागरमाला परियोजना
● डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC)
● सामरिक सीमा सड़कें
● औद्योगिक कॉरिडोर
● नदी को जोड़ने वाली परियोजना
● मेगा फूड पार्क
● सिटी गैस वितरण (पाइप लाइन से गैस) (CGD)
📌 परमाणु शक्ति:
● यूरेनियम के लिए 'ऑस्ट्रेलिया' से करार
● यूरेनियम के लिए 'कजाखस्तान' के साथ करार
● यूरेनियम के लिए 'कनाडा' के साथ अनुबंध
● यूरेनियम के लिए 'उज्बेकिस्तान' के साथ करार
● कुडनकुलम परमाणु अनुबंध (5th & 6th)
● 6 'VVER' रिएक्टरों के लिए 'रूस' के साथ अनुबंध
● 6 'ईपीआर' रिएक्टरों के लिए 'फ्रांस' के साथ अनुबंध
● 6 'AP1000' रिएक्टरों के लिए 'यूएसए' के ​​साथ अनुबंध
📌 महत्वपूर्ण पहल:
● डिफेंस के लिए पीएम छात्रवृत्ति
● जल शक्ति मंत्रालय का गठन
● नई शिक्षा नीति 
● पहली बार जम्मू कश्मीर में 'इन्वेस्टर्स समिट'
● 'PM KISAN' सभी किसानों के लिए बढ़ाया गया
● दुकानदारों/नौकरों के लिए पेंशन योजना
● बच्चो से बलात्कार के लिए मौत की सजा
● जम्मू-कश्मीर बैंक के भ्रष्टाचार पर कार्रवाई
● 1800 से अधिक अनावश्यक कानून हटाए गए
● ई-वाहन नीति लागू
● बीएसएनएल के लिए रिवाइवल प्लान स्वीकृत
● गर्वी गुजरात भवन का शुभारंभ
● पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए SFURTI
● राजनेताओं की अनुचित Z+ सुरक्षा हटाई गई
● औद्योगिक संबंध संहिता को मंजूरी दी
● राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड की स्थापना
● "फिट इंडिया" लांच
● कई भगोड़ों के खिलाफ ईडी, सीबीआई और आईटी द्वारा कार्रवाई
📌 आगामी प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं:
● बिलासपुर-मंडी-शिमला-लेह रेल लाइन (465 Km)
● मिसामारी-तेंगा-तवांग रेल लिंक (378 Km)
● जोजिला सुरंग
● सेला दर्रा सुरंग
● केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना
● दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे
● रतले जल विद्युत परियोजना (850 MW)
● सावलकोट पनबिजली परियोजना (1856 MW)
● पाकल दुल डैम
● मुंबई ट्रांस हार्बर सी लिंक
● तटीय फ्रीवे
● बाड़मेर रिफाइनरी
● धुबरी-फुलबारी ब्रिज
● 'ब्रह्मपुत्र' पर पानी के नीचे रेल-सड़क सुरंग
● माजुली ब्रिज
● रामेश्वरम धनुष्कोडी रेल लाइन
● चार धाम रोड और रेल नेटवर्क
📌 शैक्षणिक संस्थान: 
● AIIMS - 15
● IIM's - 7
● IIT's - 7
● IIIT's - 14
● मेडिकल कॉलेज - 90
● नवोदय विद्यालय - 62
● केन्द्रीय विद्यालय - 103
● विश्वविद्यालय - 141
📌 प्रमुख विधेयक पारित:
● अनुच्छेद 35ए और 370 की समाप्ति
● जम्मू और कश्मीर (पुनर्गठन) विधेयक, 2019
● ट्रिपल तलाक बिल
● एनआईए (संशोधित) बिल
● यूएपीए (संशोधित) विधेयक
● पॉक्सो (संशोधित) विधेयक
● अनधिकृत कॉलोनियां विधेयक
● श्रम सुरक्षा विधेयक पारित
● नागरिकता (संशोधन) विधेयक पारित
● आरटीआई (संशोधन) विधेयक, 2019 पारित
● चिट फंड (संशोधन) विधेयक पारित
● उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2019 पारित
● मोटर वाहन संशोधन विधेयक पारित
● जीएसटी बिल पास
● आईबीसी बिल पास
● शत्रु संपत्ति बिल पास
● आर्थिक भगोड़ा अपराधी बिल पास
● सोशल मीडिया के लिए कोड ऑफ एथिक्स रूल्स
📌 अर्थव्यवस्था:
● सकल घरेलू उत्पाद 4.71% (औसत) (विश्व 2.47%)
● 4.61% की निम्न औसत महंगाई
● 5.68% की औसत बेरोजगारी दर (WB)
● सकल घरेलू उत्पाद अनुपात में उच्चतम कर प्राप्ति
● ~$593 बिलियन अब तक का उच्च विदेशी मुद्रा भंडार
● 2020 में 81.72 अरब डॉलर का अब तक का सबसे अधिक एफडीआई
● आरबीआई से 5.44 लाख करोड़ का सरप्लस ट्रांसफर
📌 इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट:
● राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण - 61,828 Km
● बिजली क्षमता स्थापित - 133.60 GW
● ग्रामीण सड़क निर्माण - 2.29 लाख करोड़ Km
● रेलवे लाइन दोहरीकरण : 1,458 Km/year
● ट्रेन सेवाएं शुरू की गईं - 871
● उड़ान योजना के तहत 56 हवाईअड्डे शुरू
● भारतनेट: 5.21 लाख किलोमीटर से अधिक ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई
● 111 राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास
📌 महत्वपूर्ण पहल:
● मृदा स्वास्थ्य कार्ड
● फसल बीमा
● नीम कोटेड यूरिया
● 'जन औषधि' केंद्र : 7748
● डाक बैंक
● भीम ऐप
● ई-नाम पोर्टल 
● अटल टिंकरिंग लैब
● मिशन 'इंद्रधनुष'
● जेम पोर्टल
● TReDS सिस्टम
● डिजी लॉकर
● पासपोर्ट सेवा ऐप
📌 चाक चौबंद सुरक्षा:
● पाक और बांग्ला सीमाओं पर स्मार्ट फेंसिंग
● 17 एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (ALG's)
● राष्ट्रीय राजमार्गों पर 29 हवाई पट्टियां
● 794 नई बीओपी (Border Out Posts)
● 13,029 व्यक्तिगत और 1,431 बड़े समुदायिक बंकर
● सब बेस 'आईएनएस वर्षा' और 'दीसा' में एयरबेस
● लक्षद्वीप में नौसेना के लिए रणनीतिक चौकी
● नौसेना बेस आईएनएस कैंपबेल बे और आईएनएस कोहासा
● फुल बॉडी ट्रक स्कैनिंग सिस्टम (FBTSS)
● नेटवर्क फॉर स्पेक्ट्रम (एनएफएस) परियोजना लागू
● 36 रडार स्टेशन, Ph-II में 38 और
● 27 टोही प्रणाली (LORROS)
● 110 मजबूत आश्रय 'Blast Pens'
● प्रमुख रडार निगरानी स्टेशन 'नारकोंडम द्वीप'
● भंडारण, राडार आदि के लिए 24 अनुपयोगी हवाई क्षेत्र
📌 रक्षा परियोजनाएं:
● A-SAT मिसाइल परियोजना
● S5 क्लास न्यूक्लियर सबमरीन
● SSN क्लास न्यूक्लियर सब
● 'प्रलय' मिसाइल
● 'अग्नि-1पी' मिसाइल
● निर्भय मिसाइल
● SFDR Popularization
● 'K-5' & 'K-6' मिसाइल
● एंटी रेडिएशन मिसाइल (ARM)
● XR-SAM परियोजना
● DRDO QR-SAM
● Air launched 'SANT' Missile Project
● Brahmos-ER, Brahmos-A & Brahmos-NG
📌 महत्वपूर्ण मील के पत्थर:
● राफेल मामले में मोदी सरकार को मिली क्लीन चिट
● "हाउडी मोदी" कार्यक्रम हुआ
● ओबीसी पैनल का गठन
● भारत ने आरसीईपी को खारिज कर दिया
● "नमस्ते ट्रंप" कार्यक्रम का आयोजन
● चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति
● Facial Recognition System स्थापित
● "95% सफलता के साथ लॉन्च हुआ चंद्रयान-2''
● मुंबई मेट्रो परियोजना चरणबद्ध शुरू की गई
● RuPay कार्ड अबू धाबी में लॉन्च किया गया
● असम के लिए एनआरसी सूची प्रकाशित
● "राम मंदिर" का निर्माण शुरू
● अनियमित जमा योजनाएं प्रतिबंधित
● जम्मू-कश्मीर सचिवालय से हटाया गया जम्मू-कश्मीर का झंडा
● जम्मू-कश्मीर अधिवास नियम पुनर्परिभाषित
📌 भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस:
● 5 करोड़ फर्जी बैंक खाते समाप्त
● 4.49 करोड़ फर्जी एलपीजी कनेक्शन रद्द
● मनरेगा से 3.1 करोड़ फर्जी लाभार्थी हटाए
● 2.98 करोड़ फर्जी राशन कार्ड रद्द
● 98.8 लाख फर्जी आंगनबाडी लाभार्थियों को हटाया
● 3.38 लाख शेल कंपनी डीरजिस्टर्ड
● 20,000 एनजीओ के एफसीआरए लाइसेंस रद्द
● 11.44 लाख फर्जी पैन निष्क्रिय
● एनएसएपी में 7.57 लाख फर्जी लाभार्थियों को हटाया
● 12.86 लाख फर्जी अल्पसंख्यक लाभार्थियों को हटाया
● 7 लाख से अधिक फर्जी छात्रवृत्ति समाप्त
📌 भारत के प्रधानमंत्री को विश्व में मान्यता:
● Saudi Arab : "The King Abdulaziz Sash"
● Afghanistan : "Amir Amanullah Khan"
● Palestine : "Grand Collar"
● UN : "Champions Of The Earth"
● South Korea : "Seoul Peace Prize"
● WMS : "Philip Kotler Presidential Award"
● UAE : "Zayed Medal"
● Russia : "Order of Saint Andrew the Apostle"
● Maldives : "Order of the Distinguished Rule of Izzudeen"
● Bahrain : The King Hamad Order of the Renaissance
● Modi conferred "Order Of Zayed" in Dubai.
📌 कोविड-19 महामारी:
● कोविड-19 के लिए PM-CARES फंड
● 6 स्वदेशी टीके विकसित हो रहे है
● 27.1 लाख करोड़ रुपये का 'आत्मनिर्भर पैकेज'
● कम 234 मृत्यु / 10 लाख जनसंख्या में
● सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान

ये सम्हाल कर रख लीजिए, उचित समय पर विरोधियों के मुंह पर मारने के लिए ।

सोमवार, 24 मई 2021

“टूलकिट” या “लूट-किट”, कांग्रेस की घिनौनी चाल

देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत चुनाव प्रक्रिया होती है और इसी तरह से सरकारों का गठन होता है। आज़ादी के बाद से देश में अनेकों चुनाव हुए और अधिकतर समय कांग्रेस ही सत्ता में रही और जब भी गैर कांग्रेसी सरकारें बनी वो कभी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकीं।

केवल अटलजी की एकमात्र गैर कांग्रेसी सरकार थी जो 1998-2004 का अपना कार्यकाल पूरा कर पाई थी। इस कार्यकाल में अटलजी ने अनेक जनहितकारी काम किये, गैस के लिए लगने वाली लंबी लंबी कतारें बंद हो गईं, विदेशी मुद्रा भंडार अपने रिकॉर्ड स्तर पर था। पाकिस्तान से एक परोक्ष युद्ध कारगिल में लड़ा लेकिन इन सबके बावजूद अटलजी एक अच्छी सरकार के साथ साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ करने में सफल हुए थे।

अटलजी अपनी लोकप्रियता और सरकार की जनता के बीच छवि से संतुष्ट थे और इस बात के लिए आश्वस्त थे कि 2004 के लोकसभा चुनावों में भी वो प्रचंड बहुमत के साथ दुबारा देश के प्रधानमंत्री की कमान संभालेंगे।

अटल सरकार ने अपने कामों से देश में एक विश्वास जगाया था और एक नारा दिया – “शाइनिंग इंडिया”

जिस नारे के बूते अटलजी दूसरी बार सरकार बनाने का संजोए बैठे थे उसी नारे ने अटलजी को सत्ता से बेदखल कर दिया। कांग्रेस के दरबारी रात दिन “शाइनिंग इंडिया” की हवा निकालने में जुट गए। देश का तमाम मीडिया, अख़बार, न्यूज़ चैनल “शाइनिंग इंडिया” को एक गाली की तरह प्रस्तुत करने लगे।

इसी माहौल में प्याज के दामों में बेतहाशा वृद्धि होने लगी। प्याज के मुद्दे ने इतना तूल पकड़ा कि देश की जनता अटलजी के सारे अच्छे कामों को भूल गई या कहें उसे ‘भुलवा’ दिया गया। 2004 का चुनाव अटलजी हार गए और इस हार से क्षुब्ध अटलजी ने न केवल राजनीतिक बल्कि सार्वजनिक जीवन से भी सन्यास ले लिया। अंतिम समय तक अटलजी जैसे ओजस्वी वक्ता, कवि हृदय राजनेता को देश ने फिर कभी नहीं देखा और न कभी सुना।

अगर इसे ये कहा जाए कि मीडिया ने अटलजी के लंबे समय तक विपक्ष में रहने, विपक्ष में रहकर भी सदैव देशहित को पहले रखने वाले एक मर्मस्पर्शी, प्रखर राष्ट्रवादी नेता की राजनीतिक हत्या की थी तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। इसके बाद 2004 से 2014 तक यूपीए सरकार रही जिसकी चेयरपर्सन सोनिया गांधी थीं। पूरा देश जानता है कि मनमोहन सिंह केवल कहने और दिखने के प्रधानमंत्री थे, असली खेल तो पर्दे के पीछे ही खेला जाता था।

2004 से 2014 के यूपीए के कालखंड में देश में अरबों खरबों के घोटाले हुए, अनेकों आतंकी घटनाएं हुई, देश पर अब तक का सबसे भीषण आतंकी हमला 26/11 नम्बर 2008 मुंबई में हुआ। जबकि अगले ही वर्ष चुनाव थे। प्याज जैसे मुद्दे पर अटलजी की सरकार गिरवाने वालों ने देश की जनता को एक बार फिर सब कुछ ‘भुलवा’ दिया गया और 2009 में पहले से भी ज़्यादा सीटों के साथ कांग्रेस दुबारा सत्ता पर काबिज़ हो गई लेकिन इस “टूलकिट” के बारे में किसी को पता ही नहीं चला।

अटलजी के बाद मई 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब एक बार फिर पूर्णतया गैर कांग्रेस शासित सरकार बनी और देश की जनता हर बार की तरह अपने कामों में व्यस्त होने ही वाली थी कि देश की जनता को एक अलग तरह के वातावरण का आभास होने लगा। देश में ‘असहिष्णुता’ का वातावरण बनने लगा, बड़े बड़े लेखक, पत्रकार, फिल्मकार, बुद्धिजीवी अपने ‘एवॉर्ड वापस’ करने लगे।

इसके बाद तो देश में ऐसे अनेक कार्यक्रम होने लगे। जेएनयू में देश विरोधी, भारत विरोधी नारे लगे और इन नारे लगाने वालों के साथ विपक्ष के तमाम बड़े नेता जा खड़े हुए। इन मुठ्ठी भर देशद्रोही युवाओं को देश के युवाओं की आवाज़ बताने के प्रयास किए गए।

इसके पहले ये सब देश ने कभी नहीं देखा था। लेकिन अब यहाँ पेंच सबसे बड़ा ये था कि सोशल मीडिया अपनी जड़ें जमा चुका था और इस तरह के तमाम हथकंडों, प्रायोजित कार्यक्रमों की पोल खुलने लगी और देश के जन सामान्य तक घर घर पहुँचने लगी।

जिन बड़े बड़े नेताओं, पत्रकारों, लेखकों के पेशाब से सत्ता के गलियारों में चिराग जलते थे वो सत्ता के गलियारों से बुरी तरह लतिया दिए गए। प्रधानमंत्री के साथ सरकारी खर्च पर विदेश यात्राओं में जाने, शराब, शबाब और क़बाब के सिलसिले सब बंद हो गए।

नॉर्थ ब्लॉक, पीएमओ में सत्ता के दलालों का प्रवेश बंद कर दिया गया। उरी हमले का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक से दिया गया। पुलवामा हमले का जवाब एयर स्ट्राइक से दिया गया। काले धन पर प्रहार करने के लिए नोटबंदी की गई। ये सारे काम इतनी गोपनीयता के साथ किये गए कि सरकार में ऊँचे पदों पर बैठे लोगों तक को इसकी भनक नहीं लगी।

देश के बड़े नौकरशाहों, सत्ता के दलालों और देश की सबसे बड़ी पार्टी और उनके दरबारियों की अच्छी तरह समझ आ गया था कि ‘सरदार’ बदल चुका है और ये ‘सरदार’ बहुत असरदार है।

इस बीच देश की सबसे पुरानी पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री पर सीधे हमले करते रहे और ये सब करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री की पद, मान मर्यादा का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा।

रफाएल विमान सौदों को लेकर कांग्रेस ने “चौकीदार चोर है” का नारा दिया लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इसी नारे को लपककर “मैं भी चौकीदार” नारे का सृजन कर दिया। कांग्रेस के नेताओं ने प्रधानमंत्री के लिए नीच, नपुंसक, ज़हर की खेती करने वाला, खून की दलाली, सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने, सेना को बदनाम करने जैसे अनेक काम किये। कांग्रेस के नेता पाकिस्तान तक से मोदी को बेदखल करने के लिए मदद माँगते देखे गए।

लेकिन इन सबमें भी प्रधानमंत्री मोदी ने कभी भी विपक्ष के नेताओं के लिए अपशब्दों का प्रयोग नहीं किया और न ही कभी पलटकर कोई प्रतिक्रिया दी।

कांग्रेस और विपक्ष द्वारा की जा रही तमाम छीछालेदर के बावजूद देश की जनता ने मई 2019 में प्रधानमंत्री मोदी पर दुबारा विश्वास जताया और उन्हें पहले से भी ज़्यादा सीटों के साथ दुबारा प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बिठा दिया।

दुबारा सत्ता में लौटने के बाद मोदी ने जनता से किए अपने वायदों को निभाते हुए अगस्त 2019 में एक बड़ा निर्णय दिया और वो था कश्मीर में धारा 370 और 35A का ख़ात्मा, साथ ही जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाना।

देश की जनता में खुशी की लहर दौड़ गई। मोदी/ भाजपा पर देश की जनता का विश्वास और गहरा हो गया। लेकिन इस ऐतिहासिक निर्णय से विपक्ष के पेट में और जमकर मरोड़ें उठने लगीं। आए दिन विपक्ष और कांग्रेस के दरबारियों का विलाप शुरू हो गया। ये निर्णय हुआ ही था कि सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि मुद्दे की रोज़ाना सुनवाई होने लगी और अंततः हिंदुओं के पक्ष में राम मंदिर का निर्णय आया।

एक के बाद इन दो कामों ने मोदी सरकार की विश्वसनीयता का ग्राफ इतना ऊपर पहुँचा दिया कि विपक्ष इन सबसे हक्का बक्का होकर रह गया। इसी बीच जनवरी 2020 में देश की राजधानी दिल्ली भीषण दंगों की आग में झुलस गई या कहें झुलसा दी गई। इस षड्यंत्र में भी दिल्ली राज्य की सत्ता संभाल रही आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं की संदिग्ध भूमिका सामने आई है।

लेकिन मोदी की अग्निपरीक्षा अभी बाकी थी और फरवरी 2020 में कोरोना ने भारत में दस्तक दे दी। सम्पूर्ण विश्व में कोरोना ने भयंकर तबाही मचानी शुरू कर दी। बड़े बड़े विकसित देशों ने इस अदृश्य शत्रु के सामने घुटने टेक दिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने सम्पूर्ण देश में लॉक डाउन की घोषणा कर दी। देश और विश्व के तमाम लोगों, विशेषज्ञों के लिए ये नया अनुभव था और एक अबूझ पहेली बन चुका था।

लेकिन विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस के लिए ये “आपदा में अवसर” था। देश की जनता को भड़काने के तमाम प्रयास किए जाने लगे। ग़रीब, मजदूर वर्ग को सड़कों पर निकलने के लिए मजबूर किया गया।

केवल उत्तरप्रदेश के मजदूरों के लिए प्रियंका वाड्रा ने बसों की व्यवस्था की पेशकश की और जब उनसे वाहनों की सूची माँगी गई तो उनमें ऑटो रिक्शा, स्कूटर के नम्बर भी निकल आये। लेकिन उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने अदम्य साहस और इच्छाशक्ति कर बल पर इस विकट स्थिति को भी संभाल लिया।

देश में धीरे धीरे अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गई, और जनजीवन, व्यापार, कामकाज अपनी गति को पकड़ चुका था। इसी बीच कोरोना की वैक्सीन के आविष्कार, निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी। लेकिन विपक्ष तो कैसे भी मोदी को बदनाम करने पर आमादा था। शाहीन बाग के बाद इस बार किसान आंदोलन शुरुआत की गई।

बकौल मोदी ये भी एक ‘प्रयोग’ था संयोग नहीं। किसान आंदोलन के नाम पर 26 जनवरी को देश के तिरंगे का अपमान किया गया, जेल में बंद कुछ देशद्रोहियों को रिहा करने की माँग की गई।

इसी बीच कोरोना की वैक्सीन भारत में बननी शुरू हो गई और सरकार ने इसे विभिन्न चरणों में लगाने की प्रक्रिया शुरू की। तब भी देश के बड़े विपक्षी नेताओं, पत्रकारों ने वैक्सीन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए, इसे बीजेपी की वैक्सीन करार दिया, लोगों में भ्रम फैलाया लेकिन खुद ने चुपके से वैक्सीन लगवा ली।

तभी कोरोना की दूसरी लहर ने दस्तक दी और इस बार की लहर पहले से ज़्यादा घातक सिद्ध हुई। देश में ऑक्सीजन, बेड, ज़रूरी दवाओं की क़िल्लत हुई, कालाबाज़ारी भी जमकर हुई। प्रधानमंत्री के बंगाल में रैली करने को कुछ लोगों ने गलत संदर्भ में लिया जबकि प्रधानमंत्री अपने दैनिक कामों और देश के हालातों पर बराबर नज़रें गड़ाए रहते हैं।

तमाम आलोचनाओं से विचलित हुए बिना प्रधानमंत्री मोदी तन मन धन से देश की जनता की रक्षा में जुट गए। देश में सर्वाधिक कोरोना केसेस देनेवाले राज्यों महाराष्ट्र, दिल्ली, केरल और पंजाब की बजाय ‘दरबारियों’ ने अपनी सारी ऊर्जा उत्तरप्रदेश में झोंक दी क्योंकि कांग्रेस को मोदी के बाद दूसरा सबसे बड़ा खतरा योगी से है।

कल जब कांग्रेस की तथाकथित टूलकिट की जानकारी लीक हुई और सोशल मीडिया से लेकर तो न्यूज़ चैनलों तक पर ये खबर गूँजी तो कांग्रेस फिर हक्का बक्का होकर रह गई। कांग्रेसी प्रवक्ताओं के चेहरों पर उड़ रही हवाईयां बता रहीं थीं कि दाल में काला नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली है।

कांग्रेस की इस तथाकथित टूलकिट के मुख्य बिंदु कुछ इस प्रकार हैं –

▪️कोरोना के इस नए स्ट्रेन को ‘इंडियन स्ट्रेन’ या ‘मोदी स्ट्रेन’ कहकर प्रचारित करना
▪️ ऑक्सीजन, बेड की कमी करना और केवल INC यानी इंडियन नेशनल कांग्रेस के ट्विटर हैंडल को टैग करके माँगी गई मदद पर ही कार्रवाई करना
▪️ पत्रकारों द्वारा माँगी गई मदद पर तुरंत कार्रवाई करना
▪️ देश की जनता में मोदी सरकार के प्रति घृणा फैलाना
▪️ देश के बुद्धिजीवियों और पूर्व नौकरशाहों द्वारा सरकार पर सवालिया निशान लगाना
▪️ कुंभ को ‘सुपर स्प्रेडर’ के रूप में प्रचारित करना और ईद, इफ़्तार को प्रेम और सद्भावना का संदेश देना

सत्ता पाने के लिए अपने ही देश की जनता को मौत के मुँह में धकेलना, देश और सरकार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने जैसा घिनौना षड्यंत्र कांग्रेस और उसके पाले हुए गुर्गों द्वारा करना ये बताता है कि सत्ता पाने के लिए कांग्रेस पार्टी किसी भी हद तक गिर सकती है, गिरती रही है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य कांग्रेस शासित प्रदेश भी इस टूलकिट का एक अहम हिस्सा हैं। आये दिन केवल विज्ञापन देने, सोशल मीडिया पर लाइव आने, व्यवस्था में कमी होने पर केंद्र को ज़िम्मेदार बताने, केंद्र सरकार की मदद को अपना काम बताने, हाइकोर्ट के जजों के लिए विशेष व्यवस्था करने और दिल्ली की जनता को भगवान भरोसे छोड़ने का घिनौना काम केजरीवाल बखूबी कर रहे हैं।

एक बार राहुल गांधी ने बाक़ायदा सार्वजनिक तौर पर कहा था कि – मोदी की ताकत उनकी इमेज है और मैं इस इमेज को तोड़कर रख दूँगा।

“कांग्रेस की टूलकिट” भी वही कहती है और जो कुछ भी टूलकिट में कहा गया है वैसा हुआ भी है, हो भी रहा है। सत्ता से बाहर होने पर कांग्रेस सदैव ही “टूलकिट” का इस्तेमाल करती आई है। लेकिन सोशल मीडिया के ज़माने में पहली बार ये टूलकिट लीक होकर जनता के सामने आ पाई है। एक बार फिर कांग्रेस का देश विरोधी, हिंदुत्व विरोधी चेहरा सामने आया है।

लेकिन मोदी से पार पाना विपक्ष और कांग्रेस के लिए लोहे के चने चबाने जैसा है। इस संकट के बाद जब मोदी वापस अपने फॉर्म में आएंगे तब उन्हें रोक पाना विपक्ष और कांग्रेस के लिए असंभव हो जाएगा।

अपने ऊपर फेंके गए पत्थरों से इमारत खड़ी करना मोदी बखूबी जानते हैं।

ताकि सनद रहे !!

#NSB (फेसबुक)

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