शुक्रवार, 7 दिसंबर 2012

आइये आज ऍफ़ डी आई के फायदे जाने .........???



फायदा संख्या एक - कांग्रेस का काला धन जो स्विस बैंक में जमा है वापिस आकर सफ़ेद बन जाएगा ||

फायदा संख्या दो - भारत से गरीबी कम हो जायेगी ( गरीब आत्महत्या करना शुरू कर देगा तो गरीबी अपने आप कम हो जायेगी )

फायदा संख्या तीन - कामी लोगो को पाश्चात्य संस्कृति का नंगा नाच और अधिक देखने को मिलेगा ( आखिर ऍफ़ डी आई विदेशी सभ्यता का ही पालन करेगे )

फायदा संख्या चार - चाइनीज सस्ती वस्तुए पहले के मुकाबले और अधिक
उपलब्ध होंगी ( जो यूज एंड थ्रो के लिए दुनिया भर में जानी जाती है ||

फायदा संख्या पांच - भारत का पैसा भारत से बाहर जाएगा तो डूबती हुयी वालमार्ट जैसी कम्पनियां फिर से खड़ी हो जायेगी | ( आखिर अमेरिका और चीन के डूबता जहाज को भारत जैसा दयावान देश ही सहारा दे सकता है )

फायदा संख्या छह - बड़ी बड़ी कम्पनियां आटा , डाल , चावल , सब्जी बेचेगी ( क्योकि यहाँ भारतीय यह काम नहीं कर पा रहे इसलिए भारत सरकार ने विदेशियों को इस काम के लिए चुना है याद रखे ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने आकर सबसे पहले मसाले बेचे थे )

फायदा संख्या सात - केवल मुनाफे के लिए किसानी करने वाले बड़े फार्मर्स और अधिक दवाइयों का प्रयोग कर हानिकारक सब्जियां और खाद्य प्रदार्थों की उत्पत्ति करेगे ( एक इंजेक्शन से १६ लोकी १३ घंटे ने ऊँगली से हाथ जितनी बड़ी बन जाती है )

फायदा संख्या आठ - अधिक कीटनाशक और अधिक हानिकारक तत्वों के प्रयोग से किसानो की जमीने जल्द ही बंजर हो जायेगी और भारत विदेशी खाद्यों पर निर्भर होने को मजबूर हो जाएगा ( जैसा ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने लाल आटा जो रबड़ का दूसरा रूप होता था हम भारतियों को खाने के लिए मजबूर कर दिया था और हमारा गेहूं वो विदेश भेज देते थे )

फायदा संख्या नौ - मुलायम , मायावती जैसे मौका परस्त नेताओं की सत्ता में दखल बढेगी ( क्योकि जब कभी भी राष्ट्र विरोधी कानून और जनता विरोधी नीतियाँ लागू होंगी कांग्रेस इन जैसे सहयोगियों के संसद से भागने की वजह से वोटिंग आदि जीत जायेगी )

फायदा संख्या दस - सबसे अच्छी और बड़ी बात भारत की निर्मल और पावन धरा से नामक अभिशाप कभी नष्ट नहीं हो पायेगा और भारत पुनः गुलामी की ओर अग्रसर हो जाएगा ( भारत ९९ साल की लीज पर है और ६५ वर्ष पूर्ण हो चुके है अगले ३३ वर्षों में भारतियों को पाश्चात्य संस्कृति और विदेशी सामान की ऐसी लत लगा दी जायेगी की भारत आर्थिक गुलाम बन जाएगा )

गे हो सेकुलर इण्डिया के सेकुलर लोगो की , अपनी माँ बहनों के दलालों की गे हो , भारत माँ को बेचने का सपना बुनने वाले सूअरों की गे हो ||

जागो हिन्दुओं जागो सेकुलर नहीं सनातनी बनो , इन्डियन नहीं भारतीय बनो ||

कसम खाओ की अगर दुर्भाग्यवश ऍफ़ डी आई आती है तो एक रुपये का भी व्यापार उनको नहीं देंगे और दूसरों को भी ऐसा ही करने के लिए प्रेरित करेगे और जो भी राष्ट्रवादी संगठन ऍफ़ डी आई का विरोध करेगा उसका साथ जमीन पर उतर कर देंगे || याद रखे राष्ट्रवादी संगठन , अवसरवादी संगठन नहीं ||

5 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत अच्छे नागेश्वर जी कम से कम मैं तो आपके साथ हूँ
    मैं एक रुपये का व्यापार इस विदेशी कम्पनी को नहीं दूंगा
    मैं अभी भी कोशिश करता हूँ की ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करता हूँ.

    हेमंत पाठक

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    1. जी आपका आभार ...आप हम सभी मिलकर एक मुहीम चलाये की हम बिदेशी किरना दुकानों से कोई सामान नहीं क्रय करे ....

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  2. .
    .
    आपने बहुत मजबूती से तथ्यों को उज्जागर किया है .. जागरूकता की दृष्टि से बहुत सराहनीय कार्य है .. धन्यवाद ..
    .

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  3. जी आपका आभार .....प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि रिटेल में एफडीआई से किसानों और उपभोक्ताओं को लाभ होगा..पर कैसे ..इसका जबाब नहीं है हमारे PM जी के पास.....

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  4. विदेशी किराना कंपनियों के रिटेल में आने से किसान को उपज का ऊंचा दाम मिलने के दावे झूठे साबित हो रहे हैं..और यह वही कंपनी कर रही है जिसको लेकर संसद में चार दिनों तक बहस चलती रही - वॉलमार्ट.. भारती के साथ साझेदारी में इस कंपनी ने पंजाब के बहुत से किसानों से बेबीकॉर्न लगाने का करार किया.. पूरी उपज वॉलमार्ट को आठ रुपए किलो के भाव पर खरीदनी थी.. लेकिन खर्च निकाल कर किसानों को मिला केवल 3 रुपया प्रति किलो जबकि उनकी उपज को उन्हीं के शहर में वॉलमार्ट 100 रुपए किलो के दाम पर बेच रही है। नाराज किसान अगले साल अपनी उपज कोऑपरेटिव बनाकर ब्रिटेन की कुछ कंपनियों को बेचने की योजना बना रहे हैं............अब आप लोग ही देखिये कितना शोषण होगा किशानो का इस FDI और वोलमार्ट से ..............

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