इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907
बुधवार, 19 सितंबर 2012
वैसे समाजवाद का यह तरीका भी अच्छा है ?
मंगलवार, 18 सितंबर 2012
!! हाय रे कांग्रेस की, सत्ता के लिए वोट बैंक की, गंदी और घटिया राजनीती.!!
मित्रो जब यासिर अराफात ने फिलिस्तीन राष्ट्र की घोषणा की तो फिलिस्तीन को सबसे पहले मान्यता देने वाला देश कौन था ?
सउदी अरब --- नहीं
पाकिस्तान ---- नहीं
अफगानिस्तान --- नहीं
भारत ------ जी हा
इंदिरा गाँधी ने मुस्लिम तुस्टीकरण के लिए सबसे पहले फिलिस्तीन को मान्यता
दिया और यासिर अराफात जैसे को नेहरु शांति पुरस्कार [1 करोड़
रूपये ] दिया.....
और राजीव गाँधी ने उसको इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय शांति पुरस्कार दिया......!!
राजीव गाँधी ने तो उसको पुरे विश्व में घुमने के लिए बोईंग 747 गिफ्ट में दिया था.....!!!
अब आगे सुनिए ----
वही खुराफात सॉरी अराफात ने OIC [Organisation of Islamic Countries] में
कश्मीर को पाकिस्तान का अभिन्न भाग बताया और बोला की पाकिस्तान जब चाहे तब
मेरे लड़ाके कश्मीर की आज़ादी के लिए लड़ेंगे ..
इतना ही नही जिस
व्यक्ति को दुनिया के १०३ देश आतंकवादी घोषित किये हो और जिसने ८ विमानों
का अपहरण किया हो और जिसने दो हज़ार निर्दोष लोगो को मारा हो.......
ऐसे आतंकवादी यासिर अराफात को सबसे पहले भारत ने किसी अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार ने नवाजा .....!?!?
जी हाँ .. इंदिरा गाँधी ने इसे नेहरु शांति पुरस्कार दिया जिसमे एक करोड
रूपये नगद और दो सौ ग्राम सोने से बना एक शील्ड होता है .. आप सोचिये १९८३
मे मतलब आज से करीब ३२ साल पहले एक करोड रूपये की क्या वैल्यू होगी ?
फिर राजीव गाँधी ने इसे इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार से नवाजा ..
फिर बाद मे यही यासिर अराफात कश्मीर के मामले पर खुलकर पाकिस्तान के साथ
हो गया और इसने घूम घूमकर पूरे इस्लामीक देशो मे कहा की फिलिस्तीन और
कश्मीर दोनों जगहों के मुसलमान गैर मुसलमानों के हाथो मारे जा रहे है इसलिए
पूरे मुस्लिम जगत को इन दोनों मामलो पर एकजुट होना चाहिए.....!
हाय रे कांग्रेस की, सत्ता के लिए वोट बैंक की, गंदी और घटिया राजनीती.....?!! ?
By __ Sachin Khare
मित्रो जब यासिर अराफात ने फिलिस्तीन राष्ट्र की घोषणा की तो फिलिस्तीन को सबसे पहले मान्यता देने वाला देश कौन था ?
सउदी अरब --- नहीं
पाकिस्तान ---- नहीं
अफगानिस्तान --- नहीं
भारत ------ जी हा
इंदिरा गाँधी ने मुस्लिम तुस्टीकरण के लिए सबसे पहले फिलिस्तीन को मान्यता दिया और यासिर अराफात जैसे को नेहरु शांति पुरस्कार [1 करोड़ रूपये ] दिया.....
और राजीव गाँधी ने उसको इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय शांति पुरस्कार दिया......!!
राजीव गाँधी ने तो उसको पुरे विश्व में घुमने के लिए बोईंग 747 गिफ्ट में दिया था.....!!!
अब आगे सुनिए ----
वही खुराफात सॉरी अराफात ने OIC [Organisation of Islamic Countries] में कश्मीर को पाकिस्तान का अभिन्न भाग बताया और बोला की पाकिस्तान जब चाहे तब मेरे लड़ाके कश्मीर की आज़ादी के लिए लड़ेंगे ..
इतना ही नही जिस व्यक्ति को दुनिया के १०३ देश आतंकवादी घोषित किये हो और जिसने ८ विमानों का अपहरण किया हो और जिसने दो हज़ार निर्दोष लोगो को मारा हो.......
ऐसे आतंकवादी यासिर अराफात को सबसे पहले भारत ने किसी अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार ने नवाजा .....!?!?
जी हाँ .. इंदिरा गाँधी ने इसे नेहरु शांति पुरस्कार दिया जिसमे एक करोड रूपये नगद और दो सौ ग्राम सोने से बना एक शील्ड होता है .. आप सोचिये १९८३ मे मतलब आज से करीब ३२ साल पहले एक करोड रूपये की क्या वैल्यू होगी ?
फिर राजीव गाँधी ने इसे इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार से नवाजा ..
फिर बाद मे यही यासिर अराफात कश्मीर के मामले पर खुलकर पाकिस्तान के साथ हो गया और इसने घूम घूमकर पूरे इस्लामीक देशो मे कहा की फिलिस्तीन और कश्मीर दोनों जगहों के मुसलमान गैर मुसलमानों के हाथो मारे जा रहे है इसलिए पूरे मुस्लिम जगत को इन दोनों मामलो पर एकजुट होना चाहिए.....!
हाय रे कांग्रेस की, सत्ता के लिए वोट बैंक की, गंदी और घटिया राजनीती.....?!! ?
सउदी अरब --- नहीं
पाकिस्तान ---- नहीं
अफगानिस्तान --- नहीं
भारत ------ जी हा
इंदिरा गाँधी ने मुस्लिम तुस्टीकरण के लिए सबसे पहले फिलिस्तीन को मान्यता दिया और यासिर अराफात जैसे को नेहरु शांति पुरस्कार [1 करोड़ रूपये ] दिया.....
और राजीव गाँधी ने उसको इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय शांति पुरस्कार दिया......!!
राजीव गाँधी ने तो उसको पुरे विश्व में घुमने के लिए बोईंग 747 गिफ्ट में दिया था.....!!!
अब आगे सुनिए ----
वही खुराफात सॉरी अराफात ने OIC [Organisation of Islamic Countries] में कश्मीर को पाकिस्तान का अभिन्न भाग बताया और बोला की पाकिस्तान जब चाहे तब मेरे लड़ाके कश्मीर की आज़ादी के लिए लड़ेंगे ..
इतना ही नही जिस व्यक्ति को दुनिया के १०३ देश आतंकवादी घोषित किये हो और जिसने ८ विमानों का अपहरण किया हो और जिसने दो हज़ार निर्दोष लोगो को मारा हो.......
ऐसे आतंकवादी यासिर अराफात को सबसे पहले भारत ने किसी अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार ने नवाजा .....!?!?
जी हाँ .. इंदिरा गाँधी ने इसे नेहरु शांति पुरस्कार दिया जिसमे एक करोड रूपये नगद और दो सौ ग्राम सोने से बना एक शील्ड होता है .. आप सोचिये १९८३ मे मतलब आज से करीब ३२ साल पहले एक करोड रूपये की क्या वैल्यू होगी ?
फिर राजीव गाँधी ने इसे इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार से नवाजा ..
फिर बाद मे यही यासिर अराफात कश्मीर के मामले पर खुलकर पाकिस्तान के साथ हो गया और इसने घूम घूमकर पूरे इस्लामीक देशो मे कहा की फिलिस्तीन और कश्मीर दोनों जगहों के मुसलमान गैर मुसलमानों के हाथो मारे जा रहे है इसलिए पूरे मुस्लिम जगत को इन दोनों मामलो पर एकजुट होना चाहिए.....!
हाय रे कांग्रेस की, सत्ता के लिए वोट बैंक की, गंदी और घटिया राजनीती.....?!! ?
By __ Sachin Khare
सदस्यता लें
संदेश (Atom)

