आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

मंगलवार, 26 दिसंबर 2023

सूरजमल जाट

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सवाई जय सिंह द्वारा जाटों के सत्ता केंद्र थून को नेस्तनाबूद किए जाने के पश्चात जाट बेहद कमजोर हो चुके थे। इसी कड़ी में हम बदन सिंह का उत्थान...
1 टिप्पणी:
सोमवार, 18 दिसंबर 2023

समंदर का वली...

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तैमूर लंगड़ा जब दिल्ली के करीब पहुंचा उसके पास एक लाख से ज्यादा हिन्दू गुलाम थे, जिनमें औरतें, बच्चे भी थे। इन गुलामों का नियंत्रण था एक उज्ब...
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