आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

मंगलवार, 9 जनवरी 2018

ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य को गाली देना आसान है पर बनना कठिन है !

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ढाई इंच की चमड़े की लचीली ज़ुबान से ब्राह्मणो ठाकुरो वैश्यों और वर्णव्यवस्था को गाली देने में कत्तई मेहनत नहीं लगती, कोई भी दे सकता है। लेकि...
2 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 8 जनवरी 2018

हवाईज़ादा” एवं वैमानिक शास्त्र पर कथित बुद्धिजीवियों में इतनी बेचैनी क्यों है ?

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जैसे ही यह निश्चित हुआ, कि मुम्बई में सम्पन्न होने वाली 102 वीं विज्ञान कांग्रेस में भूतपूर्व फ्लाईट इंजीनियर एवं पायलट प्रशिक्षक श्री आन...
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