आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

सोमवार, 28 अगस्त 2017

क्या गौवध वेद सम्मत है ?

›
भारतीय दर्शन के वेदों में ऐसे यज्ञों का कई बार जिक्र आया है जिनमे पशुओं की आहुति दी जाती है ,ऐसा सप्रमाण कर्मकांडीयों द्वारा प्रचारित एवं प...
शनिवार, 26 अगस्त 2017

नरसिंघदास महराज पनवार रीवा MP...

›
आज एक संत की सच्ची बाते बताता हूँ ! (पोस्ट लम्बी है पर आग्रह करूँगा पढ़िए जरूर) मेरे गाँव (रीवा से 65...
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें
Blogger द्वारा संचालित.