आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

सोमवार, 26 जून 2017

तुम्हारा खून खून और हमारा खून पानी ?,

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काफिरों का खून बहे तो पट्टी आंखों पर, मुसलमानों का बहे तो पट्टी बाहों पर ? 1--12 मार्च 1993 को पूरे मुंबई में सीरियल धमाके हुए। इन धम...
सोमवार, 19 जून 2017

RSS और स्वतंत्रता संग्राम : तथ्य एवं मिथ्या प्रचार

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जिस तरह नई दुल्हन चूड़ी की आवाज़ अधिक करती है, नए नए मुल्ले या पंडित की आवाज़ तेज ही होती है, उसी तरह हाल ही में बुद्धिजीवी होने का एक नया ...
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