आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

मंगलवार, 6 जून 2017

मांगने की आदत छोड़िये, आत्म निर्भर बनिए

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पोस्ट थोड़ी लम्बी है पर आग्रह करूंगा पढियेगा जरूर हम इंडियन लोगो में एक बहुत ही गन्दी आदत है ''मांगने'' की, ज़रा सी बात पर...
मंगलवार, 30 मई 2017

शाकाहार क्यों ?

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यह लेख मात्र वैज्ञानिक विश्लेषण है। नैतिक या धार्मिक रूप से क्या सही है क्या नहीं का यह विश्लेषण नहीं। साथ ही लेख वैज्ञानिक तथ्यों के आधार...
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