आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

बुधवार, 31 दिसंबर 2014

अंग्रेजी नववर्ष के 12 महीनों के नामकरण क्यों और कैसे ।

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जनवरी : रोमन देवता 'जेनस' के नाम पर वर्ष के पहले महीने जनवरी का नामकरण हुआ. मान्यता है कि जेनस के दो चेहरे हैं. एक से वह आगे और दूस...

हिंदू (क्षेत्रवार) नववर्ष की कुछ दिलचप्स जानकारी

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मित्रो जनवरी से नया साल क्यों शुरू नहीं करना चाहिए इसका मैं आपको ऐतिहासिक तथ्य बताने जा रहा हूँ कृपया पूरा लेख पढ़े फिर तय करे और अपने मित्...
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