आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

गुरुवार, 26 जून 2014

सामान नागरिक संहिता - अपेक्षाएं और आकांक्षाएं

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आज की सबसे बड़ी आवशकता है विचार क्रांति ।  इसके तीन आधार हैं “व्यक्ति निर्माण -अर्थात व्यक्तित्व का परिष्कार !परिवार निर्माण -अर्थात परिव...
2 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 25 जून 2014

शंकराचार्य के बयान पर कोहराम क्यों ?

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मैं पिछले दो दिन से मीडिया और सोसल मीडिया में देख रहा हु शिर्डी के साईं बाबा पर तरह तरह के समर्थन और बिरोध हो रहे है कुछ साईं भक्त तो शंक...
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