आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

बुधवार, 25 जून 2014

शंकराचार्य के बयान पर कोहराम क्यों ?

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मैं पिछले दो दिन से मीडिया और सोसल मीडिया में देख रहा हु शिर्डी के साईं बाबा पर तरह तरह के समर्थन और बिरोध हो रहे है कुछ साईं भक्त तो शंक...

भारतीय संस्कृति के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य ।

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अपनी भारत की संस्कृति को पहचाने. ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुचाये. यही है हमारी संस्कृति की पहचान. ( ०१ ) दो पक्ष- कृष्ण पक्ष , शुक्ल पक्ष ...
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