आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

मंगलवार, 14 जनवरी 2014

भूली बिसरी यादे -- भाग 1

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मेरी पढ़ाई में क्लास पहली से आठवी तक मेरे छोटे चाचा जी ''श्री मथुरा सिंह जी'' का बहुत योगदान रहा है उनके डंडे के प्यार...
सोमवार, 13 जनवरी 2014

मुलायम जी का झकाझोर समाजवाद ?

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कहीं पढ़ा था की लोहिया जी ने कहा था की क्रांति जिसके कंधे पर चढ़ कर आती है, सबसे पहले उसी का शिकार करती है । लोहिया जी तो अब नहीं रहे ...
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