आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

शनिवार, 6 जुलाई 2013

खाद्य सुरक्षा अध्यादेश से कितना खाद्य सुरक्षा दे पायेगी सरकार ?

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खाद्य सुरक्षा अध्यादेश के दायरे में देश की 67 फीसदी आबादी है। इसमें 75 फीसदी ग्रामीण और करीब 50 फीसदी लोग शहरों में रहने वाले है...

अंतिम संस्कार के अनोखे तरीके !

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मृत्यु निश्चित है, जिंदगी और मौत का खेल पृथ्वी पर तब से चला आ रहा है, जब से जीवन चक्र शुरू हुआ। जो आया है उसे जाना ही होगा और जब वह जाता है...
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