आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

शनिवार, 29 जून 2013

सरकार राम बाड़ा का सच छिपा रही है

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मित्रो ! सरकार राम बाड़ा का सच छिपा रही है और यह बेहद जरूरी है कि  लापरवाह सरकारों का सच हर हाल में सामने आना चाहिए । यह शर्म...
गुरुवार, 27 जून 2013

ढोर गंवार शुद्र पशु नारी सकल ताडना के अधिकारी ?

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" ढोर गंवार शुद्र पशु नारी सकल ताडना के अधिकारी " मित्रोँ तुलसी दास जी द्वारा रचित इस पंक्ति का भावार्थ क्या है ? कभी इस प...
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