आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

शुक्रवार, 28 दिसंबर 2012

!! बुंदेलखंड केसरी महाराजा छत्रसाल।!

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आज हम आपको 22 साल के एक ऐसे जवान के बारे में बता रहे हैं, जिसने मात्र पांच घुड़सवार और 25 तलवारधारी सैनिकों के बल पर दिल्ली की मुगलिया...
बुधवार, 26 दिसंबर 2012

बैराग्य के भाव

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मेरे मन में कभी कभी बैराग्य के भाव उत्पन्न होते है ....और ये भाव उस समय ज्यादा उत्पन्न होता है जब मैं किसी न किसी कारन बहुत परेसान होता ...
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