आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

रविवार, 23 दिसंबर 2012

बलात्कार रोकने की अपील का ये भी क्या तरीका है ?

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बलात्कार रोकने की इससे ज्यादा असरदार अपील में तो सोच भी नहीं सकता ..... इन्ही नोटंकियो की वजह से तो समाज में ये नोबत आ रही हँ बाद में ...
शुक्रवार, 21 दिसंबर 2012

!! बिधवा का दर्द !!

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मैं अभी एक दिन पहले एक दिन एक प्रापर्टी बेचेने के चक्कर में एक कलोनो में घूम रहा था (मैं समय निकाल कर प्रापर्टी ब्रोकर का भी काम करता ह...
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