आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

सोमवार, 17 दिसंबर 2012

!! विश्व के शक्तिशाली शख्सियतों की शर्मसार करने वाली हरकतें !!

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?????????? ??????? फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा। ???? ????? ब...
गुरुवार, 13 दिसंबर 2012

क्या यही प्यार है ?

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कहते हैं जोड़ियां ऊपर से ही तय होकर आती हैं, नीचे तो सिर्फ उन्हें जोड़ दिया जाता है। यह कहावत तब बिलकुल सही साबित हुई जब ट्रेन में यात्रा...
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