आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

सोमवार, 19 नवंबर 2012

आर्य द्रविण सिध्यांत एक मिथक है ....

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आर्य जाती और आर्यों का आक्रमण दोनों ही कोरी कल्पना है जिसमे कोई सत्यता नहीं , ये अंग्रेजो द्वारा गढ़ा गया मिथक है जो उन्होंने अपना स्वार...

!! मूर्ति पूजा की सुरुआत !!

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इतिहास के जानकारों ने मूर्ति पूजा की बुनियाद का आरंभ किया है, वह है कि संसार भर में पहले सात मंदिर बनाये गये थे। वह मंदिर सितारों(तारे)...
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