आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

शनिवार, 17 नवंबर 2012

!!सबसे बड़े मुर्ख आज के ये नव-बौद्ध ही हैं ?

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सबसे बड़े मुर्ख आज के ये नव-बौद्ध ही हैं, जो इस्लामी और ईसाई इरादों की हकीकत से आँख चुराते हुए अपने ही हितैषी, हिंदुओं से झगड़ते रहते ...

यह पश्चिम का पाखंड नहीं है तो क्या है ?

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आयरलैंड में भारतीय मूल की डेंटिस्ट सविता हलप्पनवार की मौत से साफ है कि दूसरों को सभ्यता का पाठ पढ़ाने वाला पश्चिमी समाज खुद अंदर स...
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