आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

सोमवार, 15 अक्टूबर 2012

जातिवाद, छुआछूत नहीं है हिन्दू धर्म का हिस्सा ?? आपको क्या लगता है ....

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धर्म की गलत व्याखाओं का दौर प्राचीन समय से ही जारी है। ऋषि वेद व्यास ब्राह्मण नहीं थे, जिन्होंने पुराणों की रचना की। तब से ही वेद हाशिये ...
सोमवार, 8 अक्टूबर 2012

600 BC इन हिन्दू सनातन धर्म

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दलित आक्रोश ‎600 ईसा पूर्व तक यानि की उत्तर वैदिक काल तक हिन्दू धर्म में जात पात का कोई नाम नहीं था .............समाज में चार व...
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