आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

सोमवार, 6 अगस्त 2012

!!शिखा या चोटी रखने का प्रयोजन / शत्रोक्त / वैज्ञानिक !!

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कई विद्वानोने दिए हुए तर्क यहाँ रखे गए है -- हिन्दू धर्म के साथ शिखा का अटूट संबंध होने के कारण चोटी रखने की परम्परा प्राचीन का...
शनिवार, 4 अगस्त 2012

अधीरता ही दुःख का कारन बन जाता है ?

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नुकसान का दुख होता ही है.... कोई चीज खो जाए तो पीड़ा देने वाली बात है... जैसे खोए का दुख होता है, वैसे ही पाए का भी दुख होता है.. विज्ञा...
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