आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

मंगलवार, 10 जुलाई 2012

!!यज्ञ क्यों ?

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इस समग्र सृष्टि के क्रियाकलाप ' यज्ञ' रूपी धुरी के चारों ओर ही चल रहें हैं । ऋषियों ने ''अयं यज्ञो विश्वस्य भुवनस्य नाभ...

!! ज्योतिष और रुद्राक्ष !!

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रूद्राक्ष का शब्दिक अर्थ है रुद्राक्ष रूद्राक्ष रूद्र माने भगवान शिव तथा अक्ष का अर्थ होता है आशु यानि भगवान शिव के आसुओं से रूद्राक्ष ...
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