आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

शनिवार, 30 जून 2012

हिन्दू धर्म में जाति व्यवस्था वरदान या अभिशाप ?

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आज हिन्दू समाज में जाति या वर्ण व्यवस्था .... निस्संदेह एक अभिशाप की तरह है..... और, एक कलंक है ....! परन्तु..... क्या सचमुच में ....
गुरुवार, 28 जून 2012

!!33 करोड़ देवी देवताओं का रहस्य !!

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कुछ मूर्ख लोग कहते हँ की हिन्दू धर्म में 33 करोड़ देवी देवता हँ ये दुष्प्रचार हिन्दू विरोधियो का किया हुआ हँ वह 33 करोड़ नहीं बल्कि 33...
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