आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

गुरुवार, 5 अप्रैल 2012

!!भारतीय संस्कृति का प्रधान केन्द्रीय तत्व में नारी !!

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भारतीय संस्कृति का प्रधान केन्द्रीय तत्व है-भाव-संवेदना । इस गुण की प्रचुरता जिसमें है, वह नारी शक्ति देव संस्कृति के विकासक्रम में एक धुरी...
शुक्रवार, 30 मार्च 2012

!! देश की रक्षा तैयारियों को लेकर उपजी चिंता का जबाब देश वासियों को क्यों नहीं मिल रहा है प्रधानमंत्रीजी की ओर से ?

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देश की रक्षा तैयारियों के बारे में 12 मार्च को आर्मी चीफ जनरल वी. के. सिंह ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को जो चिट्ठी लिखी है, वह विस्...
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