आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

शुक्रवार, 16 मार्च 2012

!!सकारात्मक सोच रखे और दुनिया को मुट्ठी में करे !!

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पुरानी कहावत है कि मन के हारे हार है...मन के जीते जीत...यानी सब कुछ जब आपके भीतर छिपा है तो क्यों न जिंदगी के प्रति हमेशा सकारात्मक सोच र...
बुधवार, 14 मार्च 2012

!! भारत के आदिवासी विकाश की राह तकते हुए ...!!

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भारत सरकार हर साल अपने बजट में प्रावधान करती है आदिवासी विकास की पर ये बजट आदिवासी क्षेत्र के विकास और शिक्षण-पोषण की योजनाएँ भ्रष्टाचार का ...
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