आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

मंगलवार, 28 फ़रवरी 2012

! जातीय गणना कितना उचित या अनुचित ?

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  संसद के पिछले सत्र् में लगभग सभी दलों ने फैसला कर लिया था कि 2011 की जनगणना में जातीय गणना अवश्य होनी चाहिए लेकिन प...
सोमवार, 27 फ़रवरी 2012

!! क्या भौतिकता में ही सब कुछ है ?!

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सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामय . आइये मित्रो, इस राजनीतिक उठा पटक, खून खराबे की दुनिया से थोड़ी देर के लिए मेरे साथ एकांत में चल...
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