आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

शनिवार, 25 फ़रवरी 2012

!क्या आप लोगो की टोका - टाकी से डरते है !!

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"अरे भाई लोग क्या कहेंगे?" कितना दिलचस्प है ये डायलोग. हममे से शायद हर कोई इसे दिन भर में कुछ बार तो बोल ही लेता है, चाहते हुए या ...
शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2012

!! भगवान् हमें बनाता है या हम खुद ही भगवान् को बनाते है ?

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मित्रो अभी तक आप ये ही सुनते और समझाते आये है के "भगवान्" ने हम सबको बनाया है लेकिन शायद आपकी इस भावना को थोडा झटका लग जाए ये जा...
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