आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

सोमवार, 19 दिसंबर 2011

बौद्ध संस्कृति के नाम पर भारत विरोधी अंतर्राष्टीय षणयंत्र

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इंसान की मानसिकता आज इतनी ज्यादा विकृत हो चुकी है कि अपने तुच्छ स्वार्थ और नापाक इरादों को पूरा करने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है। ...
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!! सृष्टि एवम जीव की उत्पति एवं ईश्वर !!

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इस ब्रह्मांड में जीवन कब ,  और कैसे  प्रारम्भ  हुआ?अनंतकाल से यह  प्रश्न सदा अनुतरित रहा है तथा सम्भवता भविष्य में भी इसका उत्तर कोई नही दे...
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