आप हम और देश

इस ब्लॉग में मेरा उद्देश्य है की हम एक आम नागरिक की समश्या.सभी के सामने रखे ओ चाहे चारित्रिक हो या देश से संबधित हो !आज हम कई धर्मो में कई जातियों में बटे है और इंसानियत कराह रही है, क्या हम धर्र्म और जाति से ऊपर उठकर सोच सकते इस देश के लिए इस भारतीय समाज के लिए ? सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वें भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद दुःख भाग्भवेत।। !! दुर्भावना रहित सत्य का प्रचार :लेख के तथ्य संदर्भित पुस्तकों और कई वेब साइटों पर आधारित हैं!! Contact No..7089898907

शनिवार, 10 दिसंबर 2011

!!जो जैसा सोचता और करता है वह वैसा ही बन जाता है !!

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हमारे जीवन पर सकारात्मक विचारों का बहुत प्रभाव पडता है। हम जैसा सोचते हैं, वैसा ही बन जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि विचार न केवल हमारे मन- म...

अध्यात्म रामायण के श्री राम

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अखिल लोकनायक मर्यादा पुरूषोत्तम आनंदकंद दशरथ नंदन श्रीराम चरित्र को प्रकाशित करने वाले प्रधानभूत तीन ग्रंथों में प्रथम है...आदि काव्य ...
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