शुक्रवार, 9 दिसंबर 2011

करोड़ पति चपराशी

कांग्रेश ने सी और डी ग्रेड के कर्मचारियों को लोकपाल बिल से अलग कर रही है ,,जबकि भ्रष्टाचार की जड़ यही से है ,,,,,अभी उज्जैन में एल लिपिक (चतुर्थ श्रेणी) के यहाँ पर लोकायुक्त पुलिस के क्षापे में १० करोड़ से अधिक की सम्पति बरामद हुई है ,,कहा से आई यह सम्पति ,,क्या अकेले लिपिक ने ही कमाया ? यदि एक लिपिक १० करोड़ कमा सकता है तो बड़े अधिकारी कितनी सम्पति जमा किया होगा ? सोच कर चक्कर आने लगते है .....http://www.bhaskar.com/article/MP-OTH-class-iv-employees-in-ujjain-municipal-corporation-2625048.html?HF-13=

1 टिप्पणी:

  1. हाँ एक चपरासी को न तो धन की जरूरत होती है और न ही अधिकार ये तो सिर्फ निखट्टू नेताओं और पूँजीपतियों का एकाधिकार है।

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